Shimla: इंदिरा गांधी सुख सम्मान निधि के भरवाए गए 10 लाख फॉर्म्स का हिसाब मांग रही मातृ शक्ति : जयराम
punjabkesari.in Sunday, May 03, 2026 - 07:02 PM (IST)
शिमला (ब्यूरो): पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन वाली सुख की सरकार को बने साढ़े तीन वर्ष का समय पूरा हो चुका है। चुनाव के समय ही कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रदेश की 18 से 59 साल की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए देने की गारंटी दी थी। चुनाव के समय ही कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्त्ताओं द्वारा प्रदेश की महिला शक्ति से 1500 रुपए के फॉर्म भरवाए गए थे, जो कांग्रेस मुख्यालय समेत अन्य कांग्रेस के ऑफिसों में धूल खाते रहे।
शिमला से जारी बयान में उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के समय फिर से मुख्यमंत्री द्वारा इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि की घोषणा की गई, लेकिन इस बार सुख की सरकार ने पात्रता की कई शर्तें रखीं, जो कि वास्तव में हैरान करने वाली थीं। इसके बाद भी प्रदेश में लगभग 10 लाख महिलाओं ने इस सम्मान निधि का फॉर्म भरा, जिसके लिए उन्होंने जरूरी कागज बनवाने में भी अपना समय और पैसा खर्च किया और बार-बार कार्यालय के चक्कर काटकर भी परेशानी उठाई। इस योजना की घोषणा को दो साल से ज्यादा का समय हो चुका है, लेकिन प्रदेश की 10 लाख महिलाओं द्वारा भरे गए उन फॉर्म्स का कोई पता नहीं है।
आज प्रदेश की महिलाएं उन फॉर्म्स का स्टेटस मांग रही हैं। जिन फॉर्म्स को जमा करने के लिए उन्होंने कई दिन मेहनत की और दस्तावेजों के लिए अपने पैसे खर्च किए, आज वे फॉर्म्स कहां हैं। वे कब तक स्वीकृत किए जाएंगे। यह जानना प्रदेश की नारी शक्ति का अधिकार है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इसी साल की शुरूआत में मुख्यमंत्री ने मनाली और सुलह में जाकर मंच पर घोषणा की थी कि अप्रैल महीने से मनाली और सुलह की महिलाओं के खाते में 1500-1500 रुपए आने लगेंगे। अप्रैल का महीना बीत चुका है, मई आ चुका है लेकिन एक भी महिला के खाते में एक भी पैसा नहीं पहुंचा। सुक्खू सरकार को अब तक 42 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। 18 से 59 साल की हर महिला पर सरकार की 42 किस्तें बकाया हैं।
शगुन, कन्यादान और बेटी है अनमोल जैसी योजनाएं ठप्प
जयराम ठाकुर ने कहा कि महिलाओं को हक देने की बजाय कांग्रेस उनका हक छीन रही है। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को विधायिका में 33 प्रतिशत आरक्षण का कानून लेकर आए तो कांग्रेस ने उस बिल को गिरा दिया और उनका हक छीनने का जश्न मनाया। सम्मान निधि के नाम पर वोट लेकर महिलाओं को सम्मान देने वाली योजनाएं बंद की जा रही हैं। बेटियों के सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही बेटी है अनमोल योजना बंद है। बेटियों की शादी के लिए सहयोग करने वाली शगुन और कन्यादान जैसी योजनाएं पहले ठप्प थीं। कांग्रेस को यह याद रखना चाहिए कि नारी शक्ति अपने अपमान को कभी नहीं सहन करेगी और इस अपमान का खमियाजा उन्हें उठाना पड़ेगा।

