Shimla: हिमाचल भूटान को भेंट करेगा 5,000 चिलगोजा पौधे, हरित मैत्री को मिलेगी नई मजबूती
punjabkesari.in Sunday, Jan 11, 2026 - 09:40 PM (IST)
शिमला (भूपिन्द्र): भारत और भूटान का संबंध विश्वास, आपसी सम्मान और गहरी मित्रता पर आधारित है। दोनों देश हिमालयी क्षेत्र की सांझा प्राकृतिक विरासत से जुड़े हुए हैं। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार भूटान की मित्र सरकार को चिलगोजा के 5 हजार पौधे पूर्णतः निःशुल्क भेंट करेगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सोमवार को भूटान के प्रतिनिधिमंडल को औपचारिक रूप से ये पौधे भेंट करेंगे। यह कदम दोनों देशों के बीच हरित मैत्री, पर्यावरण संरक्षण और दीर्घकालीन सहयोग का प्रतीक बनेगा। ये पौधे लगभग 2 हजार किलोमीटर की हिमालयी यात्रा तय कर करीब 6 दिनों में भूटान के थिंपू पहुंचेंगे।
यह यात्रा केवल भौगोलिक दूरी नहीं, बल्कि भारत-भूटान के बीच मित्रता और सहयोग की निरंतरता का प्रतीक भी होगी। चिलगोजा पश्चिमी हिमालय की एक विशिष्ट और बहुमूल्य प्रजाति है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय आजीविका से भी जुड़ी हुई है। इसके बीज पोषण से भरपूर होते हैं और पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार का महत्वपूर्ण स्रोत माने जाते हैं। यह वृक्ष जैव विविधता, मिट्टी संरक्षण और जल संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। प्रदेश सरकार ने आशा जताई है कि ये पौधे भविष्य में हिमाचल प्रदेश और भूटान के बीच मैत्री के सशक्त प्रतीक बनेंगे। जैसे-जैसे ये पौधे विकसित होंगे, वैसे-वैसे दोनों क्षेत्रों के संबंध और मजबूत होते जाएंगे।
पहले भी हो चुका है सहयोग
इससे पहले हिमाचल प्रदेश भूटान को चिलगोजा के लगभग 50 किलोग्राम बीज भेंट कर चुका है। यह निरंतर सहयोग दोनों सरकारों के बीच आपसी विश्वास और पर्यावरणीय सांझेदारी को दर्शाता है। इन बीजों के माध्यम से भूटान में चिलगोजा के संरक्षण और विस्तार को प्रोत्साहन मिला है।
गैर-व्यावसायिक और संरक्षण आधारित पहल
यह पहल पूरी तरह गैर-व्यावसायिक है और इसका उद्देश्य केवल पौधों का आदान-प्रदान नहीं, बल्कि संरक्षण, जलवायु-सहनशीलता और प्राकृतिक विरासत को सांझा करना है। इससे हिमालयी पारिस्थितिकी को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

