Shimla: हाईकोर्ट ने दिए लिप्पा गांव में घरों पर बढ़े खतरे से निपटने के लिए अतिरिक्त मशीनें तैनात करने के निर्देश

punjabkesari.in Wednesday, Jul 29, 2026 - 10:17 PM (IST)

शिमला (मनोहर): हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने किन्नौर जिले के लिप्पा गांव में मलबे के बहाव और जलभराव की गंभीर स्थिति पर कड़ा संज्ञान लिया गया है। मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन सी. नेगी की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के पश्चात जिला प्रशासन और हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने आदेश दिया है कि पानी के जमाव को रोकने और प्रभावित पुल के पास सुरक्षा के लिए तत्काल 2 और भारी मशीनें मौके पर तैनात की जाएं।

अदालत ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भी मामले में नए प्रतिवादी के रूप में शामिल करने का आदेश दिया है। 9 और 10 जुलाई की घटना में लिप्पा में हाल ही में दोबारा भारी मात्रा में मलबे का बहाव हुआ है, जिससे दोनों नदियों के संगम और मुख्य पुल के पास भारी गाद जमा हो गई है। जिला प्रशासन ने नदी किनारे बने 10 घरों को अत्यधिक संवेदनशील घोषित किया है। इनके लिए समय पर चेतावनी जारी करने, निरंतर निगरानी रखने और आपातकालीन सुरक्षित निकासी की व्यवस्था की गई है।

हालांकि सितम्बर-अक्तूबर 2025 की आपदा के बाद जल शक्ति, लोक निर्माण विभाग और एचपीपीसीएल ने सैंकड़ों घंटों की मशीनरी लगाकर तैती/किरंग खड्ड के अवरोध को अस्थायी रूप से हटाया था, लेकिन भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार यह बहाव केवल अस्थायी रूप से सुचारू हुआ है और मानसून के खतरे को देखते हुए स्थायी इंतजाम बेहद जरूरी हैं। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को तय की गई है, जिसमें राज्य सरकार को नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। कोर्ट ने साफ किया है कि यदि मौके पर कुल 4 मशीनें सुचारू रूप से काम करती पाई गईं तो डीसी किन्नौर डा. अमित कुमार शर्मा को व्यक्तिगत रूप से अदालत में आने की आवश्यकता नहीं होगी।


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Kuldeep

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