हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला, पेसा नियमों में संशोधन की तैयारी
punjabkesari.in Wednesday, Jun 03, 2026 - 09:34 PM (IST)
शिमला (संतोष): सरकार ने प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में जनजातीय समुदाय के हितों की रक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियम 2011 (पेसा नियम) में संशोधन करने के लिए एक ड्राफ्ट (प्रारूप) अधिसूचना जारी की है। पंचायती राज विभाग द्वारा जारी इस अधिसूचना का मुख्य उद्देश्य जनजातीय लोगों की भूमि को बाहरी या गैर-जनजातीय लोगों के हाथों में जाने से पूरी तरह से सुरक्षित करना है।
क्या होने जा रहा है बदलाव?
संशोधित ड्राफ्ट नियमों के अनुसार हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियम, 2011 के नियम 6 के उप-नियम (2) में महत्वपूर्ण बदलाव किया जा रहा है, जिसके तहत अनुसूचित क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति द्वारा अनुसूचित जनजाति से संबंधित किसी भी व्यक्ति की भूमि का कोई भी हस्तांतरण या हित, हिमाचल प्रदेश भूमि हस्तांतरण (विनियमन) अधिनियम, 1968 की धारा 3 के प्रावधानों के तहत संबंधित ग्राम सभा के साथ अनिवार्य परामर्श के बिना नहीं किया जाएगा। यानी अब अनुसूचित क्षेत्रों में जनजातीय समुदाय की जमीन के किसी भी तरह के ट्रांसफर के लिए ग्राम सभा की अनुमति और परामर्श अनिवार्य होगा।
सरकार ने इस संबंध में आम जनता और प्रभावित होने वाले लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। यदि किसी व्यक्ति को इन प्रस्तावित नियमों को लेकर कोई आपत्ति या सुझाव देना है, तो वह राजपत्र में इस अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से 30 दिनों के भीतर लिखित रूप में अपनी बात रख सकता है। सुझाव निदेशक, पंचायती राज विभाग हिमाचल प्रदेश, एसडीए काम्पलैक्स, कसुम्पटी, शिमला-171009 पर भेजे जा सकते हैं।
कब से लागू होंगे नए नियम?
इन नियमों को हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) संशोधन नियम, 2026 कहा जाएगा। सरकार द्वारा राजपत्र में इसे अंतिम रूप से प्रकाशित करने की तिथि से ही ये पूरे प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में प्रभावी रूप से लागू हो जाएंगे।

