Shimla: दिल्ली विश्वविद्यालय में हिमाचली विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
punjabkesari.in Monday, Sep 07, 2026 - 09:41 PM (IST)
शिमला (कुलदीप): दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के दक्षिण परिसर के पास सत्य निकेतन में पेइंग गैस्ट (पीजी) की इमारत गिरने के बाद हिमाचली विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ गए हैं। इस हादसे के बाद सत्य निकेतन में रह रहे विद्यार्थियों ने डर के साए में रात गुजारी। डीयू में बड़ी संख्या में हिमाचली विद्यार्थियों ने केंद्रीय विश्वविद्यालय संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) उत्तीर्ण करने के बाद प्रवेश पाया है। इस परीक्षा के बाद प्रवेश पाने वाले अधिकांश विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय स्तर पर छात्रावास सुविधा उपलब्ध नहीं होने से परेशानी आती है।
इसके चलते उनको मजबूरन पीजी या अलग से कमरा किराए पर लेकर रहना पड़ता है। पीजी में रहने पर प्रत्येक विद्यार्थी से 8 से 15,000 रुपए के बीच प्रति बिस्तर किराया देने के अलावा महंगी बिजली के अलग से दाम चुकाने पड़ते हैं। इसी तरह अलग से कमरा किराया भी 15 से 20,000 रुपए तक मिलता है। बीते रविवार को जब सत्य निकेतन में पीजी की इमारत गिरी तो हिमाचली विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक भी परेशान रहे। इस कारण अभिभावक बार-बार अपने बच्चों की सुध लेते रहे।
विद्यार्थियों की सही संख्या की जानकारी नहीं
नई दिल्ली में शिक्षा ग्रहण करने गए विद्यार्थियों की सही संख्या की जानकारी नहीं है। इसके लिए सरकारी स्तर पर भी कोई ऐसी व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे बाहरी राज्यों में शिक्षा ग्रहण करने व नौकरी पेशा करने वालों की सही संख्या का पता चल सके। इसी तरह देश से बाहर जाने वालों की सही संख्या की जानकारी नहीं है।
पीयू में रहते हैं हिमाचली विद्यार्थी
दिल्ली विश्वविद्यालय के अलावा पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) में भी हिमाचली विद्यार्थियों की बढ़ी संख्या है। हालांकि दिल्ली में असुरक्षित भवनों के कारण अधिकांश हादसे हो रहे हैं, जिसका ताजा उदाहरण सत्य निकेतन की घटना है।
मुख्यमंत्री की एनएसयूआई कार्यकर्त्ताओं को हिदायत
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस हादसे के बाद एनएसयूआई कार्यकर्त्ताओं को हिदायत दी। उन्होंने कहा कि मुश्किल की इस घड़ी में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्त्ता पूरी तत्परता के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं और हरसंभव मदद करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ईश्वर से सभी के सकुशल होने और प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। उन्होंने सरकार से भी हिमाचली विद्यार्थियों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।

