Shimla: CBSE स्कूलों में तीन बार हाजिरी जरूरी, तभी बनेगा वेतन बिल
punjabkesari.in Monday, Sep 14, 2026 - 07:04 PM (IST)
शिमला (प्रीति): प्रदेश के सीबीएसई से संबद्ध, पंजीकृत और सीबीएसई संबद्धता के लिए स्वीकृत सरकारी स्कूलों में अब शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को दिन में तीन बार अपनी हाजिरी दर्ज करनी होगी। वीएसके (स्विफ्टचैट) पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति के सत्यापन के बाद ही संबंधित कर्मचारियों के वेतन बिल तैयार किए जाएंगे। यह व्यवस्था इसी महीने से तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार सभी शिक्षक, जिनमें सीबीएसई योजना के तहत नियुक्त शिक्षक भी शामिल हैं, तथा गैर-शिक्षण कर्मचारी हर कार्य दिवस उक्त पोर्टल पर तीन चरणों में उपस्थिति दर्ज करेंगे। वीएसके-स्विफ्टचैट पोर्टल पर अनुपस्थिति पर अगले माह वेतन से कटौती का प्रावधान होगा।
गर्मी वाले स्कूलों में यह रहेगा समय
ग्रीष्मकालीन स्कूलों में सुबह 9 से 9:15 तक मॉर्निंग चैक-इन, दोपहर 12.25 से 12.35 बजे तक मिड-सैशन और स्कूल बंद होने से पहले दोपहर 3 से 3.10 तक चैक-आऊट करना होगा। प्रधानाचार्य को संबंधित उपस्थिति रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा में जमा करनी होगी। ग्रीष्मकालीन (अत्यधिक गर्मी) वाले स्कूलों में सुबह 8 से 8.15 बजे, मध्य सत्र में 11.25 से 11.35 बजे और स्कूल बंद होने के समय दोपहर 2 से 2.10 बजे के बीच उपस्थिति दर्ज करनी होगी। शीतकालीन स्कूलों के लिए सुबह 10 से 10.15 बजे, मिड-सैशन में दोपहर 1.25 से 1.35 और स्कूल बंद होने के समय शाम 4 से 4.10 बजे के बीच चैक-आऊट की व्यवस्था रहेगी।
हाजिरी नहीं लगाई तो अगले माह कटेगा वेतन
निदेशालय ने सख्त निर्देश दिए हैं कि पोर्टल पर उपस्थिति का सत्यापन किए बिना शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के वेतन बिल तैयार नहीं किए जाएंगे। यदि कोई कर्मचारी निर्धारित तरीके से उपस्थिति दर्ज नहीं करता है तो नियमानुसार संबंधित राशि अगले माह के वेतन या मानदेय से काटी जा सकती है। शिक्षा विभाग ने यह भी निर्णय लिया है कि वीएसके (स्विफ्टचैट) आधारित उपस्थिति पोर्टल को जल्द ही ई-सैलरी प्रणाली के साथ जोड़ा जाएगा। इसके बाद उपस्थिति का स्वत: सत्यापन कर वेतन बिल तैयार करने की व्यवस्था की जा सकेगी। किसी कर्मचारी को वेतन से की गई कटौती पर आपत्ति होने पर वह निदेशक स्कूल शिक्षा, हिमाचल प्रदेश के समक्ष अपील कर सकेगा।
प्रधानाचार्यों और बीईईओ को अनुपालन के निर्देश
निदेशक स्कूल शिक्षा ने सभी उपनिदेशकों को निर्देश दिए हैं कि संबंधित प्रधानाचार्यों और ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों (बीईईओ) को इस व्यवस्था की जानकारी देकर इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करवाया जाए। नई व्यवस्था सभी संबंधित सरकारी सीबीएसई स्कूलों में सितम्बर से लागू मानी जाएगी।
स्कूल प्रबंधन व अभिभावकों से वर्दी को लेकर लिए जाएंगे सुझाव
अगले शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई स्कूल के छात्र नई वर्दी में नजर आएंगे। हालांकि इससे पहले शिक्षा निदेशालय स्कूल प्रबंधन व अभिभावकों से वर्दी को लेकर सुझाव लेगा। इसके लिए निदेशालय ने स्कूल प्रबंधन से 15 दिन के भीतर ड्रैस का डिजाइन भेजने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा स्कूल प्रबंधन को संबंधित क्षेत्रों के अभिभावकों से भी लिखित में ऑनलाइन सुझाव भेजने के लिए प्रेरित करने को कहा गया है। हालांकि स्कूलों में अब छात्रों की वर्दी का रंग हरा होगा। प्रदेश में वर्तमान में 155 सरकारी सीबीएसई स्कूल संचालित हैं, इनमें 90 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।

