Shimla: लाहौल-किन्नौर में बर्फबारी, रोहड़ू में भूस्खलन से सुंदरू खड्ड का बहाव रुका, झील बनी
punjabkesari.in Monday, Sep 28, 2026 - 08:58 PM (IST)
रोहड़ू (कार्तिक/राजकुमार/संतोष): लाहौल-स्पीति के काजा, पिन घाटी और लोसर में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है, जहां 4 इंच से अधिक हिमपात हुआ है। इसके साथ ही लाहौल, स्पीति और मनाली की सभी ऊंची चोटियों पर भी बर्फ के फाहे गिरे हैं। बर्फबारी और बारिश के कारण लोसर, काजा, ताबो और कल्पा जैसे ऊंचे क्षेत्रों के अधिकतम तापमान में 10 से 11 डिग्री सैल्सियस तक की भारी गिरावट आई है। सोमवार को स्पीति घाटी के काजा, लोसर, पिन घाटी और मनाली-लाहौल की ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ। किन्नौर जिले में बेमौसमी बारिश एवं बर्फबारी से किसानों को नुक्सान झेलने को मजबूर होना पड़ा है। रक्छम गांव में बर्फबारी के वजन से सेब से लदे पेड़ और उनकी टहनियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। रोहड़ू के छोहारा विकास खंड के जांगलिख क्षेत्र में भारी भूस्खलन होने से प्रशासन अलर्ट हो गया है।
जांगलिख पुल के समीप हुए भूस्खलन के कारण बड़ी मात्रा में मलबा पब्बर नदी में जा गिरा, जिससे नदी का प्रवाह प्रभावित हुआ है। मलबा जमा होने के कारण सुंदरू खड्ड में पानी रुकने से झीलनुमा स्थिति बन गई है। भूस्खलन के कारण जांगलिख गांव का पैदल रास्ता भी अवरुद्ध हो गया है। वहीं मलबे के नदी में गिरने से पब्बर नदी के बहाव पर भी असर पड़ा है। एसडीएम रोहड़ू धर्मेश रामोत्रा ने कहा कि पब्बर की सहायक सुंदरू खड्ड में जलप्रवाह की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मौसम साफ होते ही जांगलिख सड़क को बहाल करने के प्रयास किए जाएंगे। सुरक्षा के दृष्टिगत लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने तथा पर्यटकों को सड़क बंद होने की स्थिति में इस मार्ग का उपयोग न करने की सलाह दी गई है।
सांगला-डोडरा क्वार के बीच रुपिन पास पर अचानक खराब हुए मौसम और बर्फबारी के कारण 12 भेड़पालक फंस गए हैं, जबकि ठंड व बर्फ की वजह से 300 भेड़-बकरियों की मौत हो गई है। शिमला-कल्पा-काजा-मनाली मार्ग पर पर्यटकों और वाहन चालकों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सड़क पर फिसलन और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए पूरी सतर्कता के साथ यात्रा करने की सलाह दी गई है। प्रदेश भर में कुल 61 सड़कें अवरुद्ध हैं। प्रदेश में 49 ट्रांसफार्मर ठप्प हैं। मौसम केंद्र शिमला के अनुसार मंगलवार को राज्य के 1-2 स्थानों पर ही हल्की बारिश होने की संभावना है। 30 सितम्बर से लेकर 4 अक्तूबर तक पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा।
सड़कों का टारिंग कार्य रोका
प्रदेश में सड़कों की टारिंग का काम एक बार फिर मौसम की मार से प्रभावित हो गया है। बारिश के साथ कई क्षेत्रों में तापमान गिरने से टारिंग का काम रोकना पड़ा है। ऐसे में लोक निर्माण विभाग के सामने इस साल तय किए गए 2,500 किलोमीटर सड़क की टारिंग के लक्ष्य को पूरा करने की चुनौती खड़ी हो गई है। गर्मियों के सीजन में बिटुमैन के दाम बढ़ने के कारण भी टारिंग का काम प्रभावित रहा था। अब मौसम अनुकूल नहीं होने से विभाग के पास काम पूरा करने के लिए सीमित समय बचा है। प्रदेश में लोक निर्माण विभाग ने इस साल कुल 2,500 किलोमीटर सड़कों की टारिंग करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ईएनसी लोक निर्माण विभाग एनपी सिंह ने कहा कि आने वाले दिनों में यदि मौसम साफ हुआ तो तापमान बढ़ने पर टारिंग का कार्य फिर शुरू किया जा सकता है।

