Shimla: भांग की नियंत्रित खेती के लिए किसानों को सरकार मुहैया करवाएगी नर्सरी
punjabkesari.in Monday, Sep 28, 2026 - 05:04 PM (IST)
शिमला (भूपिन्द्र): हिमाचल प्रदेश में भांग की नियंत्रित और औषधीय खेती की दिशा में कदम आगे बढ़ने लगे हैं। कृषि विश्वविद्यालय ने भांग की खेती के लिए कम नशीले (लैस टॉक्सिक) भांग के बीज तैयार कर लिए हैं। इन बीजों का उद्देश्य भांग की ऐसी किस्म विकसित करना है, जिसका इस्तेमाल नशे की बजाय दवाइयों और अन्य वैध उपयोगों के लिए किया जा सके। विश्वविद्यालय अब अपने खाली पड़े परिसर की भूमि में इन बीजों से नर्सरी तैयार करने की तैयारी में है। सरकार की ओर से तैयार किए जाने वाले मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और प्रस्तावित कानूनी व्यवस्था के तहत किसानों को इस नर्सरी से पौध उपलब्ध करवाने की योजना है। शुरूआत में इसे प्रयोग के तौर पर सीमित स्तर पर लागू किया जाएगा। कृषि विश्वविद्यालय ने भांग के बीज को तैयार करने के लिए पहले विदेश से बीज मंगवाया था।
उसके बाद विश्वविद्यालय स्तर पर इन बीजों से पौध और आगे बीज तैयार किए गए। अब तैयार बीज को विश्वविद्यालय के स्तर पर मल्टीप्लाई किया जा रहा है, ताकि भविष्य में नियंत्रित खेती के लिए पर्याप्त मात्रा में पौध उपलब्ध करवाई जा सके। विश्वविद्यालय अपने ऐसे कैंपस या परिसर में नर्सरी तैयार करेगा, जिसकी भूमि फिलहाल उपयोग में नहीं है। यहां तैयार होने वाली पौध को सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और एसओपी के अनुसार ही किसानों को उपलब्ध करवाया जाएगा। हिमाचल के कई क्षेत्रों में जंगलों और प्राकृतिक रूप से उगने वाली भांग में नशीले तत्व की मात्रा अधिक हो सकती है। हालांकि प्राकृतिक रूप से उगने वाली भांग को रिफाइन कर विभिन्न औद्योगिक और औषधीय उपयोगों के लिए इस्तेमाल किए जाने की संभावना रहती है, लेकिन सरकार चाहती है कि खेती की शुरूआत वैज्ञानिक निगरानी और निर्धारित नियमों के तहत हो।
कानून बनने के बाद किसानों को दी जाएगी पौध : प्रो. चंद्र कुमार
कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि किसानों को भांग की खेती के लिए नर्सरी मुहैया करवाई जाएगी। सरकार की ओर से कानून और नियम लागू होने के बाद ही किसानों को पौध उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया शुरू होगी। किसानों को बिना अनुमति भांग की खेती की छूट नहीं होगी। खेती का क्षेत्र, बीज की किस्म, उत्पादन और उपयोग समेत अन्य पहलुओं को सरकार की निर्धारित व्यवस्था के तहत नियंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भांग की खेती को लेकर सरकार का उद्देश्य नशे को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि इसके औषधीय और अन्य वैध उपयोगों की संभावनाओं का वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल करना है।

