हिमाचल में 25 हजार से ज्यादा फर्जी राशन कार्ड रद्द! लोकसभा में सांसद अनुराग ठाकुर का बड़ा खुलासा
punjabkesari.in Thursday, Apr 02, 2026 - 07:30 PM (IST)
हमीरपुर (राजीव): लोकसभा में उठाए गए महत्वपूर्ण प्रश्नों के माध्यम से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, लक्षित व आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे व्यापक सुधारों को प्रमुखता से सामने रखा। उन्होंने कहा कि राइटफुल टार्गेटिंग अभियान के तहत देशभर में बड़े पैमाने पर लाभार्थियों का सत्यापन किया गया, जिसमें विभिन्न सरकारी डेटाबेस के समन्वय से 8.51 करोड़ संदिग्ध या अपात्र लाभार्थियों की पहचान की गई। इनमें आयकर दायरे में आने वाले व्यक्ति, कंपनी निदेशक, मृतक, डुप्लीकेट व लंबे समय से राशन न लेने वाले लाभार्थी शामिल थे। उन्होंने बताया कि राज्यों द्वारा जमीनी सत्यापन के बाद 2.21 करोड़ अपात्र लाभार्थियों को सूची से हटाया गया, जबकि 2.64 करोड़ को पात्र पाया गया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सुनिश्चित करती है कि खाद्य सबसिडी का लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचे। उन्होंने हिमाचल प्रदेश का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य में 5,32,435 लाभार्थियों को चिन्हित किया गया, जिनमें से 25,357 को हटाया गया और 55,324 को सत्यापन के बाद बरकरार रखा गया।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि विभिन्न जिलों में कार्रवाई की गति अलग-अलग रही है, जोकि यह दर्शाती है कि इस दिशा में और अधिक सक्रियता की आवश्यकता है, ताकि पूरी तरह पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राशन प्रणाली को तकनीक के माध्यम से पूरी तरह मजबूत किया है। देशभर में राशन कार्डों का 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण किया जा चुका है और लगभग सभी लाभार्थियों को आधार से जोड़ा गया है। वहीं ई-केवाईसी प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है और लगभग सभी फेयर प्राइस शॉप्स को ई. प्वाइंट ऑफ सेल मशीनों से लैस कर दिया गया है, जिससे हर वितरण प्रक्रिया बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण के साथ दर्ज हो रही है। किसी तकनीकी समस्या के कारण किसी भी पात्र व्यक्ति को राशन से वंचित नहीं किया जाएगा।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार एक ओर जहां अपात्र लाभार्थियों को हटाकर व्यवस्था को स्वच्छ व पारदर्शी बना रही है, वहीं दूसरी ओर वितरण तंत्र को आधुनिक, मजबूत व आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। यह बहुआयामी सुधार देश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती देंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि हर जरूरतमंद तक उसका अधिकार समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे।

