Sirmaur: 5 वर्षीय मासूम बच्ची का 4 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, आंगन से खेलते हुए अचानक हुई थी लापता
punjabkesari.in Thursday, Sep 10, 2026 - 12:19 PM (IST)
नाहन/संगड़ाह (आशु): हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के संगड़ाह उपमंडल (ग्राम पंचायत लानाचेता) के घेवना गांव से लापता 5 वर्षीय मासूम आर्या का चौथे दिन (बुधवार) भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। बच्ची की तलाश में जुटी 14वीं बटालियन एनडीआरएफ की टीम व्यापक सर्च अभियान चलाने के बाद कोई सुराग न मिलने पर वापस लौट गई है। हालांकि, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने हार नहीं मानी है और अब शिमला से बुलाए गए डॉग स्क्वायड से बच्ची को ढूंढने की उम्मीद जताई जा रही है।
रविवार शाम करीब 4 बजे की है घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार घेवना निवासी विपिन कुमार की 5 वर्षीय बेटी आर्या रविवार शाम करीब 4 बजे घर के आंगन के पास खेल रही थी। इसी दौरान वह अचानक रहस्यमय तरीके से लापता हो गई। परिजनों ने तुरंत उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान घर से कुछ दूरी पर बहने वाले नाले के किनारे बच्ची के जूते बरामद हुए, जिसके बाद नाले और आसपास के जंगलों में सर्च अभियान तेज कर दिया गया।
एनडीआरएफ ने खंगाला 15 किलोमीटर का दायरा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को 14वीं बटालियन एनडीआरएफ को मोर्चे पर लगाया गया था। एनडीआरएफ के इंस्पैक्टर नफीस खान ने बताया कि टीम ने गांव के आसपास 14 से 15 किलोमीटर के दायरे में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान जंगलों, गहरी खड्डों, नालों और गिरि नदी के आसपास के इलाकों को बारीकी से खंगाला गया। बुधवार को भी कई घंटों तक अभियान चला, लेकिन सफलता हाथ न लगने पर एनडीआरएफ ने अपना सर्च ऑप्रेशन बंद कर दिया है।
आज पहुंचेगा डॉग स्क्वायड, पुलिस का अभियान जारी
एनडीआरएफ के लौटने के बावजूद स्थानीय पुलिस का सर्च अभियान जारी है। एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने बताया कि बच्ची की तलाश के लिए शिमला रेंज से विशेष डॉग स्क्वायड मंगवाया गया है। वीरवार तक डॉग स्क्वायड के पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद संभावित स्थानों पर नए सिरे से आर्या की तलाश की जाएगी। एसपी ने स्पष्ट किया है कि जब तक बच्ची का कोई सुराग नहीं मिल जाता, पुलिस का सर्च अभियान बदस्तूर जारी रहेगा।
150 ग्रामीण दिन-रात छान रहे जंगलों और नालों की खाक
पुलिस के साथ-साथ गांव के करीब 150 से अधिक लोग पिछले 4 दिनों से दिन-रात जंगलों और नालों की खाक छान रहे हैं। लगातार प्रयासों के बावजूद मासूम का कोई पता न चलने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में चिंता और मायूसी का माहौल है, लेकिन परिवार को अब भी किसी चमत्कार और अपनी लाडली के सकुशल घर लौटने की आस है।
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