खराब मौसम बना बाधा, लेह से दूसरे दिन भी पैतृक गांव लिली नहीं पहुंची शहीद हैप्पी की पार्थिव देह

punjabkesari.in Wednesday, Feb 21, 2024 - 12:43 AM (IST)

नगरोटा बगवां (बिशन): लेह में मंगलवार को भी खराब मौसम के चलते दूसरे दिन भी शहीद की पार्थिव देह को पैतृक गांव लिली नहीं लाया जा सका। उधर, अपने लाडले की राह निहार रही शहीद की मां शमा व बहन काजल के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हालांकि शहीद के पिता विनीत ने अपने बेटे हैप्पी की शहादत पर गर्व महसूस किया कि उन्हें फक्र है कि उनका बेटा देश की सेवा करते हुए शहीद हुआ है लेकिन उनके चेहरे से साफ झलक रहा था कि वह अंदर से टूट चुके हैं। अपने 24 वर्षीय बेटे के लिए परिजनों ने न जाने क्या-क्या सपने संजोए होंगे, उनके बारे कौन जाने। पिता ने बताया कि उन्होंने सोचा था कि अगले साल हैप्पी 25 वर्ष का हो जाएगा तो उसकी शादी कर देंगे और बहू आ जाएगी तो उसकी मां को सहारा हो जाएगा क्योंकि उसकी मां की तबीयत भी ठीक नहीं रहती है। उन्होंने बताया कि बेटे की शादी भी उसकी मर्जी की लड़की से करने का विचार था लेकिन अब सारी की सारी उम्मीदें धरी की धरी रह गईं। 

मंगलवार को भी दिन भर गांव वाले व रिश्तेदार शोक व्यक्त करने शहीद के निवास स्थान लिली में आते-जाते रहे और परिजनों को ढांढस बंधाते रहे। नगरोटा बगवां के पूर्व विधायक अरुण कुमार (कूका) ने भी शहीद के निवास स्थान पर जाकर परिजनों को सांत्वना दी। सूचना मिली है कि मौसम साफ होने के उपरांत ही शहीद की पार्थिव देह को लेह से एयरलिफ्ट करके चंडीगढ़ लाया जाएगा, उसके उपरांत सेना की गाड़ी में चंडीगढ़ से पैतृक गांव लिली लाया जाएगा। परिजनों ने कहा कि चंडीगढ़ की बजाय शहीद की पार्थिव देह को गग्गल या पठानकोट लाया जाए तो ताकि पार्थिव शरीर शीघ्र पैतृक गांव पहुंच पाए।
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Content Writer

Vijay

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