Kangra: इंदौरा में लकड़ी माफिया के बड़े खेल का पर्दाफाश, 189 मौछों के साथ आरा मशीन सीज

punjabkesari.in Tuesday, Apr 14, 2026 - 05:42 PM (IST)

इंदौरा (अजीज): वन परिक्षेत्र इंदौरा में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए अवैध लकड़ी का एक बड़ा जखीरा बरामद किया। वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में संचालित एक आरा मशीन इकाई पर औचक छापा मारा, जहां भारी मात्रा में अवैध लकड़ी बरामद की गई। इस सफल कार्रवाई का नेतृत्व वन परिक्षेत्र अधिकारी अब्दुल हमीद ने किया। इस दौरान विभिन्न बीट्स के वन रक्षक और वन मित्रों की पूरी टीम उनके साथ मौजूद रही। विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिया लकड़ी माफियाओं के बीच 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वन विभाग की टीम पिछले कई दिनों से क्षेत्र में हो रही अवैध कटान की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही थी। इसी गुप्त सूचना के आधार पर मंगलवार सुबह करीब 11.30 बजे गांव बरंडा में संचालित एक आरा मशीन पर अचानक दबिश दी गई। यह आरा मशीन इकाई केवल सिंह पुत्र वकील सिंह निवासी गांव व डाकघर बरंडा, तहसील नूरपुर द्वारा चलाई जा रही थी।

मौके पर पहुंची टीम ने जब रिकॉर्ड की जांच की तो संचालक केवल सिंह कोई भी ठोस दस्तावेज या संतोषजनक रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर पाया। वन मंडल अधिकारी नूरपुर संदीप कोहली ने जानकारी दी कि आरा मशीन में मौजूद लकड़ी का स्टॉक रजिस्टर में दर्ज विवरण से बिल्कुल मेल नहीं खा रहा था, जिससे पहली नजर में ही अवैध गतिविधियों की पुष्टि हो गई। जांच में यह भी सामने आया कि मौके पर मिली लकड़ी पर वन विभाग का कोई भी टंकण (हैमरिंग) निशान नहीं था, जो इसे पूरी तरह संदिग्ध बनाता है। 

जब टीम ने लकड़ी की गिनती की तो कुल 189 मौछे बरामद हुए, जिनका आरा मशीन के रजिस्टर में कोई उल्लेख नहीं था। टीम ने मौके से बेहड़ा के 58, सफेदा के 41, आम के 17, शीशम के 16, लसूनी के 15, सागवान के 13, तमन के 10, जामुन के 8, सीरस के 7, तुनी के 3 और क्रैंबल का 1 मौछा बरामद किया। विभाग ने तत्परता दिखाते हुए उक्त आरा मशीन, आरा मशीन ट्रॉली और बरामद सभी 189 मौछों को सीज कर लिया है। 

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इतनी भारी मात्रा में अवैध कटान के पीछे कौन लोग हैं जो इस कारोबार से चांदी कूट रहे हैं। विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या यह केवल संचालक का व्यक्तिगत कृत्य है या इसके पीछे कोई बड़ा अवैध नैटवर्क सक्रिय है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भविष्य में और भी बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।

हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Vijay

Related News