हाईवे किनारे लगे पोल से आ रही थीं अजीब आवाजें, राहगीरों की सूचना पर वन विभाग ने लिया एक्शन...ऐसे बचाई दुर्लभ वन्यजीव की जान

punjabkesari.in Friday, Jul 24, 2026 - 06:51 PM (IST)

नाहन (आशु): हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में राहगीरों की सतर्कता और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से एक दुर्लभ वन्यजीव की जान बच गई। नाहन-कुमारहट्टी नैशनल हाईवे-907 ए पर सैन की सेर के जांगीरुग क्षेत्र में हाईवे किनारे लगे एक टैलीफोन कंपनी के पोल के भीतर फंसी लैपर्ड कैट को वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रैस्क्यू किया है।

जानकारी के अनुसार हाईवे से गुजर रहे दो राहगीरों को अचानक टैलीफोन पोल के भीतर से किसी जानवर की आवाज सुनाई दी। जब उन्होंने अंदर झांका, तो देखा कि एक वन्यजीव उसमें बुरी तरह फंसा हुआ है। उन्होंने बिना समय गंवाए तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंज ऑफिसर) प्रेम कंवर के नेतृत्व में वन विभाग की टीम फौरन मौके पर पहुंची। स्थिति का जायजा लेने के बाद वन्यजीव को बिना कोई नुक्सान पहुंचाए बाहर निकालने के लिए जेसीबी मशीन बुलाई गई। जेसीबी की मदद से पोल के आसपास सावधानीपूर्वक खुदाई की गई और कड़ी मशक्कत के बाद लैपर्ड कैट को सुरक्षित रैस्क्यू कर लिया गया। रैस्क्यू के बाद लैपर्ड कैट को प्राथमिक उपचार के लिए नाहन लाया गया है, जहां उसे डीएफओ कार्यालय की निगरानी में रखा गया है।

तेंदुए का शावक नहीं, लैपर्ड कैट है : डीएफओ
बता दें कि लोगों ने लैपर्ड कैट और तेंदुए का शावक समझ लिया था, जिस पर नाहन के डीएफओ अवनी भूषण राय ने मामले पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि रैस्क्यू किया गया वन्यजीव लैपर्ड कैट है। इसे तेंदुए का शावक समझना गलत होगा। डीएफओ ने बताया कि वन विभाग की पहली प्राथमिकता इस वन्यजीव को उसके परिवार से मिलाने की है, जिसके लिए इलाके में प्रयास किए जा रहे हैं। यदि इसके परिवार का पता नहीं चल पाता है, तो नियमानुसार इसे किसी सुरक्षित वन्यजीव रैस्क्यू सैंटर भेज दिया जाएगा।

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Content Writer

Vijay

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