Audio Viral Case : गिरफ्तार स्वास्थ्य अधिकारी को एक्सटैंशन देने की एक नेता ने की थी सिफारिश

5/21/2020 10:19:04 PM

शिमला (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में लाखों रुपए के लेन-देन से जुड़े ऑडियो वायरल मामले में गिरफ्तार स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. एके गुप्ता इस माह के अंत (31 मई) को सेवानिवृत्त होने वाले थे लेकिन उससे पहले ही लाखों रुपए के लेन-देन से जुड़ा ऑडियो वायरल हो गया, जिसकी छानबीन के तहत उन पर विजीलैंस का शिकंजा कस गया। चर्चा यह भी है कि भाजपा के एक बड़े नेता ने अधिकारी को एक्सटैंशन देने की सिफारिश भी मुख्यमंत्री से की थी। डॉ. गुप्ता को अक्तूबर, 2018 में स्वास्थ्य विभाग का निदेशक नियुक्त किया गया था।

जांच की जद्द में आ सकते और भी कई चेहरे

कोविड-19 से जारी जंग को लेकर स्वास्थ्य विभाग में लाखों रुपए के उपकरणों व अन्य सामान की भी खरीद हो रही है। ऑडियो के सामने आने के बाद आरोप लगने लगे हैं कि खरीद से जुड़े मामले में ही पैसों का लेन-देन किया जा रहा था, ऐसे में आगामी दिनों में कुछ अन्य चेहरे भी जांच की जद्द में आ सकते हैं। संकट की इस घड़ी में भ्रष्टाचार से जुड़ा ऑडियो सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

ऑडियो में है 5 लाख रुपए के लेन-देन की बातचीत

बता दें कि जो ऑडियो वायरल हुआ है। उसमें 5 लाख र पए के लेन-देन की बातचीत है। इसमें बैंक के नाम का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें बैंक अकाऊंट क्लोज करने की बात भी कही जा रही है। संबंधित ऑडियो के सामने आते ही मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने बीते दिन जांच के आदेश जारी किए थे।

मुख्यमंत्री के पास है विभाग, विपक्ष को मिला मुद्दा

सचिवालय में महंगे सैनिटाइजर मामले के बाद लेन-देन से जुड़े एक ऑडियो के सामने आने और स्वास्थ्य विभाग के निदेशक की गिरफ्तारी होने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। इसके साथ ही सरकार को घेरने में जुटे विपक्ष को भी एक और मुद्दा मिल गया है। स्वास्थ्य विभाग मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के पास है। संकट की इसी घड़ी में जहां लोग अपने सामथ्र्य के अनुसार कोविड फंड में बढ़-चढ़कर दान दे रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ कुछ भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में लगे हुए हैं।

64 अधिकारी ओडीआई सूची में शामिल

बता दें प्रदेश के विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे 64 अधिकारियों को ऑफिसर विद डाऊटफुट इंटीग्रेटी (ओडीआई) सूची में शामिल किया गया है। यह जानकारी बीते विधानसभा बजट सत्र के दौरान सदन में दी गई थी। स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन/स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण/चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान से जुड़े कई अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल हैं।


Vijay

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