हिमाचल में जल जीवन मिशन 2.0 का शंखनाद, केंद्र के साथ MoU साइन
punjabkesari.in Friday, Mar 20, 2026 - 06:58 PM (IST)
शिमला (संतोष): हिमाचल में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के संकल्प को नई ऊर्जा देते हुए शुक्रवार को भारत सरकार और प्रदेश सरकार के बीच जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री शिमला से वर्चुअल माध्यम से जुड़े, जबकि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रदेश सरकार की ओर से जल शक्ति विभाग के सचिव डॉ. अभिषेक जैन और केंद्र की ओर से संयुक्त सचिव स्वाति नायक ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस नए समझौते के तहत प्रदेश में पेयजल अधोसंरचना के पुनर्निर्माण और ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति व्यवस्था में संरचनात्मक सुधार किए जाएंगे। एकल ग्राम योजनाओं (एसवीएस) और उन प्रोजैक्ट्स को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन पर राज्य पहले ही अग्रिम व्यय कर चुका है।
पहाड़ों पर लागू न हों मैदानी राज्यों के नियम, तुरंत दें 1227 करोड़ : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस अवसर पर केंद्र सरकार के समक्ष हिमाचल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण की लागत मैदानी राज्यों के मुकाबले कहीं अधिक होती है। अन्य राज्यों के लिए तय किए गए सामान्य मापदंडों को हिमाचल पर लागू करना व्यावहारिक नहीं है और इसके लिए मापदंडों में बदलाव की जरूरत है। राज्य सरकार अब पंचायतों के माध्यम से जल वितरण और प्रबंधन को सशक्त कर रही है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि जल जीवन मिशन के तहत हिमाचल के लंबित 1227 करोड़ रुपए जल्द जारी किए जाएं। उन्होंने बताया कि कई योजनाओं का काम पूरा हो चुका है, लेकिन भुगतान न होने से वित्तीय चुनौतियां आ रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल पानी पहुंचाना नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक के साथ स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करना है। कठिन भूगोल के बावजूद हिमाचल सरकार हर नागरिक की प्यास बुझाने के लिए प्रतिबद्ध है।
दूरदराज के इलाकों को मिलेगा स्थायी समाधान: मुकेश अग्निहोत्री
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी जल शक्ति विभाग के प्रयासों की सराहना की और उम्मीद जताई कि जेजेएम 2.0 से प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में पानी की समस्या का स्थायी समाधान होगा।

