बिजली संशोधन विधेयक के खिलाफ हिमाचल में कर्मचारियों का हल्ला बोल, केंद्र सरकार को दी ये चेतावनी

punjabkesari.in Tuesday, Mar 10, 2026 - 06:29 PM (IST)

शिमला (राजेश): केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे बिजली (संशोधन) विधेयक 2025 के खिलाफ मंगलवार को हिमाचल प्रदेश में भी भारी आक्रोश देखने को मिला। देशव्यापी आह्वान के तहत शिमला और धर्मशाला में बिजली बोर्ड के कर्मचारियों, अभियंताओं और पैंशनर्ज ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व ज्वाइंट एक्शन कमेटी (संयुक्त मोर्चा) ने किया, जिसके बैनर तले सैंकड़ों कर्मचारियों ने अपनी आवाज बुलंद की।

शिमला स्थित बिजली बोर्ड मुख्यालय में कर्मचारियों ने संशोधन विधेयक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर ऑल इंडिया पावर फैडरेशन के पैटर्न ई. सुनील ग्रोवर, ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सह-संयोजक हीरा लाल वर्मा और प्रशांत शर्मा समेत कई प्रमुख नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। वक्ताओं ने इस विधेयक को पूरी तरह से जनविरोधी, कर्मचारी विरोधी और राज्य विरोधी करार दिया और इसे तुरंत वापस लेने की पुरजोर मांग की।

प्रदर्शन के दौरान ज्वाइंट एक्शन कमेटी के संयोजक ई. लोकेश ठाकुर और सह-संयोजक हीरा लाल वर्मा ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार बिजली क्षेत्र को निजी कॉर्पोरेट घरानों के हवाले करने की नीति पर काम कर रही है। नेताओं ने चिंता जताते हुए कहा कि प्रस्तावित विधेयक के लागू होने से बिजली वितरण के क्षेत्र में निजी कंपनियों का एकाधिकार बढ़ेगा। इससे सार्वजनिक क्षेत्र की सरकारी बिजली कंपनियां कमजोर होंगी और अंततः महंगी बिजली के रूप में आम उपभोक्ताओं की जेब पर भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा।

धरना-प्रदर्शन के अंत में कर्मचारियों और अभियंताओं ने केंद्र सरकार को दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने इस जनविरोधी और कर्मचारी विरोधी विधेयक को जल्द से जल्द वापस नहीं लिया, तो हिमाचल के बिजली कर्मचारी, अभियंता और पैंशनर्ज देशभर के अन्य संगठनों के साथ मिलकर इस आंदोलन को और तेज करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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Content Writer

Vijay

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