हिमाचल में खनन के दौरान आंगनबाड़ी में गिरी बड़ी चट्टान, छुट्टी के चलते बची मासूमों की जान

punjabkesari.in Tuesday, Mar 10, 2026 - 03:31 PM (IST)

हिमाचल डेस्क। ठियोग की क्यार पंचायत के नमाना वार्ड में रविवार को एक डरावना दृश्य हकीकत में बदल गया। गनीमत बस इतनी रही कि उस दिन 'रविवार' था, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता है। 

क्या है पूरा मामला?

नमाना स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला और आंगनबाड़ी केंद्र के ठीक बगल में खनन का कार्य चल रहा था। रविवार को खुदाई के दौरान एक विशाल पत्थर अनियंत्रित होकर सीधे स्कूल परिसर में आ धंसा। इस पत्थर की चपेट में आने से आंगनबाड़ी केंद्र का भवन पूरी तरह जमींदोज हो गया और प्राथमिक स्कूल की इमारत को भी भारी क्षति पहुँची है। यदि यह पत्थर कार्यदिवस (Working Day) पर गिरा होता, तो वहां मौजूद 26 मासूमों और स्टाफ की जान बचाना नामुमकिन होता।

ग्रामीणों का गुस्सा और ठेकेदार की हठधर्मिता

सोमवार को जब स्कूल खुला, तो मंजर देखकर अभिभावकों और स्थानीय महिलाओं के पैरों तले जमीन खिसक गई। ग्रामीणों ने जब ठेकेदार से सुरक्षा के मद्देनजर काम रोकने की मांग की, तो मौके पर मौजूद कर्मियों ने काम बंद करने से साफ मना कर दिया। ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश और बच्चों की सुरक्षा के खतरे को देखते हुए मामला तुरंत प्रशासन के पास पहुँचा।

प्रशासन का कड़ा एक्शन

एसडीएम ठियोग शशांक गुप्ता ने नायब तहसीलदार और पुलिस टीम को मौके पर भेजकर खनन कार्य को तुरंत और पूरी तरह से बंद करने के आदेश जारी किए।

जिला खनन अधिकारी (शिमला) को निर्देश दिए गए हैं कि वे साइट का निरीक्षण करें और यह जांचें कि क्या यह खनन वैध था और क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था।

बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) और शिक्षा विभाग को बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा गया है।

नुकसान की भरपाई और चेतावनी

प्रशासन के कड़े रुख के बाद, संबंधित ठेकेदार ने अगले 10 दिनों के भीतर क्षतिग्रस्त हुए स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत और नुकसान की भरपाई करने का लिखित आश्वासन दिया है। एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि यदि आदेशों का उल्लंघन हुआ, तो संबंधित पक्षों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Jyoti M

Related News