केंद्र सरकार से हरियाणा की तर्ज पर उठाया जाए प्रभावितों का मुद्दा

punjabkesari.in Saturday, Mar 13, 2021 - 10:42 AM (IST)

नूरपुर (राकेश) : जिस प्रकार हरियाणा के मुख्यमंत्री अपने प्रदेश के फोरलेन प्रभावितों को मुद्दा केंद्र सरकार से उठा सकते हैं तो प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी यह मसला केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री से उठाकर समाधान करना चाहिए। यह बात जिला कांगड़ा कांग्रेस अध्यक्ष अजय महाजन द्वारा शुक्रवार को जसूर में एक पत्रकार वार्ता के दौरान कहते हुए कहा कि प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार के बीच तालमेल में कमी का दुष्परिणाम फोरलेन प्रभावित लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय भूतल मंत्री इस बात को स्पष्ट शब्दों में कह चुके हैं कि केंद्र को फैक्टर-2 के तहत भी जमीन का मुआवजा देने में ऐतराज नहीं है लेकिन इसमें प्रदेश सरकार की सहमति जरूरी है। हैरानी की बात है कि प्रदेश सरकार उचित मुआवजा देने में क्यों कतरा रही है जबकि उसने अपने विजन डाक्यूमैंट (चुनावी घोषणा पत्र) में इस मुआवजे बारे लिखित तौर पर वायदा कर रखा है। 

जिला अध्यक्ष ने कहा कि अगर गुजरात में यह मुआवजा फैक्टर-4 के तहत तथा महाराष्ट्र में फैक्टर-4 के तहत तथा महाराष्ट्र में फैक्टर-5 के तहत दिया जा सकता है तो यहां पर फैक्टर-2 भी देने से मुकरा जा रहा है। जो कि करीब 4000 परिवारों व कारोबार करने वालों से भारी अन्याय है तथा सरकार को उनके पुनर्वास की कोई चिंता नहीं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के करीब 3-4 दर्जन कस्बों के हजारों प्रभावित गत 3 साल से पुनर्वास व मुआवजे को लेकर संघर्षरत थे तथा यह स्थानीय जनप्रतिनिध का फर्ज बनता था कि उनकी आवाज को विधिवत उठाकर उन्हें न्याय दिलाया जाता। अब अवार्ड घोषित होने के उपरांत वह अपनी कथित चिंता जता रहे हैं तथा मंत्री पद तक छोडने की बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार को मुख्यमंत्री के फतेहपुर हल्के में आगमन पर वन मंत्री इस मुद्दे को गंभीरता से उठाएं तथा 25 फरवरी के अवार्ड को रद्द करवाएं।
 


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Content Writer

prashant sharma

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