पति 7 वर्षों से चारपाई पर, दिव्यांग पैंशन के लिए भटक रही पत्नी

punjabkesari.in Thursday, May 05, 2022 - 12:22 AM (IST)

जयसिंहपुर (केपी पांजला): जयसिंहपुर विधानसभा के तहत आते गांव बीजापुर में एक महिला पति को दिव्यांग पैंशन दिलाने के लिए भटकने पर मजबूर है। जानकारी के अनुसार गांव के ब्रह्म कुमार दर्जी का काम करते थे लेकिन वर्ष 2015 में बीमारी ने ऐसे जकड़ा कि याददाश्त तक खो चुके हैं। पैरालाइज का शिकार बह्म दास न बात करते हैं न सुन और न ही चल सकते हैं। बह्म दास की पत्नी चंचला देवी बताती है कि वह पिछले 7 साल से इलाज करवा रही है। पहले पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज चल रहा था लेकिन कोविड के चलते अब टांडा में करवा रहे हैं।

प्राइवेट मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रहीं दवाएं
आयुष्मान और हिमकेयर कार्ड तो है लेकिन उसका फायदा अस्पताल में एडमिट होने के बाद ही मिल रहा है जबकि उनकी दवाएं टांडा जाकर प्राइवेट मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही हैं। चंचला बताती है कि घर का खर्चा बड़ी बेटी दर्जी का काम कर चला रही है जबकि बेटा मजदूरी करने पर मजबूर है। पहले घर की हालत सही थी तब किसी से मदद नहीं मांगी लेकिन अब हाथ खड़े हो गए हैं। काफी दिनों से दिव्यांग सर्टीफिकेट को लेकर चक्कर लगा रही है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो पाया है।

विधायक ने दिया था आश्वासन
चंचला देवी ने बताया कि पति का मानसिक रूप से अस्वस्थ का प्रमाण पत्र तो बना है, लेकिन उसका फायदा नहीं मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों से दिव्यांग पैंशन के लिए विधायक रविंद्र रवि धीमान से लेकर अधिकारियों तक मिल चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। 

क्या बोले पंचायत प्रधान
बीजापुर पंचायत के प्रधान प्रीतम चंद ने बताया कि परिवार की हालत दयनीय है। 2 बच्चे हैं। बेटी दर्जी का काम कर रही है। बेटा वर्कशॉप में काम करता है। पंचायत सहयोग कर रही है। दिव्यांग पैंशन के कागज भी भेजे गए थे।

हिमाचल की खबरें Twitter पर पढ़ने के लिए हमें Join करें Click Here
अपने शहर की और खबरें जानने के लिए Like करें हमारा Facebook Page Click Here


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Vijay

Related News

Recommended News