हिमाचल सरकार ने भाव्या योजना के तहत 234 करोड़ रुपए के 2 नए इंडस्ट्रियल पार्क के भेजे प्रस्ताव, कारोबार करना होगा आसान
punjabkesari.in Saturday, Aug 01, 2026 - 11:15 AM (IST)
Shimla News : हिमाचल प्रदेश सरकार ने 'भारत औद्योगिक विकास योजना' (BHAVYA) के तहत 234 करोड़ रुपये के दो इंडस्ट्रियल पार्क के प्रस्ताव उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) को सौंपे हैं। यह केंद्र सरकार की एक योजना है, जिसका मकसद पूरे भारत में वर्ल्ड-क्लास इंडस्ट्रियल पार्क बनाना है।
हिमाचल का इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम होगा और मजबूत
अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि इन पहलों से हिमाचल का इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम और मजबूत होगा, कारोबार करना आसान होगा और रोजगार पैदा करने व आर्थिक विकास में काफी मदद मिलेगी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पहले प्रस्ताव में सोलन जिले के मझोली इंडस्ट्रियल एरिया में 150 एकड़ में फैले 'प्लग-एंड-प्ले' इंडस्ट्रियल पार्क के विकास की योजना है, जिसकी अनुमानित लागत 154 करोड़ रुपये है। दूसरा प्रस्ताव ऊना जिले के बीटन इंडस्ट्रियल एरिया में 75 एकड़ में फैले 'प्लग-एंड-प्ले' इंडस्ट्रियल पार्क के विकास के लिए दिया गया है, जिसकी अनुमानित लागत 80 करोड़ रुपये है। बयान में कहा गया है कि प्रस्तावित पार्क रणनीतिक रूप से ऊना के हरोली में बनने वाले 'बल्क ड्रग पार्क' के पास स्थित है और उम्मीद है कि यह उसके लिए एक अहम सपोर्ट इकोसिस्टम के तौर पर काम करेगा। अधिकारियों ने बताया कि 'भारत औद्योगिक विकास योजना' (BHAVYA) का मकसद एक कॉम्पिटिटिव चैलेंज-बेस्ड सिलेक्शन प्रोसेस के जरिए ऐसे इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम बनाना है, जो निवेश के लिए तैयार हों और जिनमें वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, भरोसेमंद यूटिलिटीज, डिजिटल गवर्नेंस सिस्टम, सस्टेनेबिलिटी फीचर्स और वर्कर-सपोर्ट सुविधाएं हों।
इस योजना के तहत, मंजूर किए गए प्रोजेक्ट्स को प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये की दर से केंद्रीय सहायता मिल सकती है। DPIIT ने BHAVYA के तहत 20 इंडस्ट्रियल पार्क के पहले चरण के लिए 31 जुलाई या उससे पहले आवेदन मंगाए थे। योजना के तहत मंजूर प्रोजेक्ट्स को राज्य सरकार और 'नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन' (NICDC) मिलकर लागू करेंगे। हिमाचल के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि राज्य सरकार मजबूत इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो सस्टेनेबल आर्थिक विकास में मदद करे, अच्छे निवेश को आकर्षित करे और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके पैदा करे। उद्योग विभाग की प्रधान सचिव एम. सुधा ने कहा कि इन दो प्रस्तावों के अलावा, विभाग राज्य भर में आधुनिक 'प्लग-एंड-प्ले' इंफ्रास्ट्रक्चर वाले औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए और ज़मीन की पहचान करने की प्रक्रिया में भी है।

