हिमाचल उच्च न्यायालय ने रोरा खड्ड जलविद्युत परियोजना में अनियमितताओं पर लिया संज्ञान, राज्य सरकार को नोटिस जारी
punjabkesari.in Wednesday, Mar 18, 2026 - 10:59 AM (IST)
Shimla News: हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने किन्नौर जिले के युला गांव में 20 मेगावाट की रोरा खड्ड जलविद्युत परियोजना के निर्माण में कथित अनियमितताओं का संज्ञान लेते हुए मामले को जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने राज्य सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया मांगी है।
परियोजना के क्रियान्वयन में लापरवाही का आरोप
अदालत ने युला गांव के निवासियों द्वारा उठाई गई चिंताओं को उजागर करने वाली मीडिया रिपोर्ट के आधार पर स्वत: संज्ञान लिया है। स्थानीय लोगों ने परियोजना के क्रियान्वयन में बड़े पैमाने पर लापरवाही का आरोप लगाया है, विशेष रूप से अंधाधुंध विस्फोट एवं मलबे के अवैज्ञानिक तरीके से निपटान पर आपत्ति दर्ज की है। न्यायालय ने अधिकारियों को परियोजना स्थल पर चल रहे निर्माण कार्यों का व्यापक निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों से निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच करने, परियोजना की वर्तमान स्थिति का आकलन करने और अगली सुनवाई से पहले एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
चार मई को होनी अगली सुनवाई
ग्रामीणों के अनुसार, ऐसी गतिविधियों से न केवल क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी को खतरा हुआ है, बल्कि आसपास की बस्तियों को भी गंभीर क्षति पहुंची है। हाल ही में इस परियोजना का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें नदी में सीधे कचरा डाला जा रहा था। इस मामले की अगली सुनवाई चार मई को होनी है। इस याचिका में राज्य के पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में जलविद्युत परियोजनाओं के पर्यावरणीय एवं सुरक्षा संबंधी प्रभावों को लेकर बढ़ती सार्वजनिक चिंता को रेखांकित किया गया है।

