Solan: चिकनी नदी में छोड़े गए प्रदूषित पानी से मछलियों की मौत

punjabkesari.in Monday, May 04, 2026 - 04:59 PM (IST)

नालागढ़ (सतविन्द्र): उपमंडल के सल्लेवाल से होकर गुजरने वाली चिकनी नदी में छोड़े गए प्रदूषित पानी से मछलियां मरने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बीते दिन हुई बारिश के दौरान कथित तौर पर कैमिकल युक्त पानी नदी में छोड़े जाने से काफी संख्या में मछलियों की मौत हो गई। घटना के सामने आते ही काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठे हो गए।

ग्रामीणों के अनुसार बारिश की आड़ में एक उद्योग द्वारा कैमिकल युक्त पानी नदी में छोड़ा और नदी के पानी का रंग अचानक बदल गया और उसमें से तेज दुर्गंध आने लगी। कुछ ही समय में नदी में मछलियां तड़प-तड़प कर मरने लगीं, जिससे पानी की सतह पर मृत मछलियों का ढेर लग गया। मौके पर मौजूद लक्की हिंदू सल्लेवाल, सजन सिंह, ज्ञान चंद, सोनी, अश्वनी, मनोज, जसपाल सैनी, देवेंद्र पाल, उज्जल चंदेल व धर्मेंद्र पाल ने आरोप लगाया कि एक दवा निर्माण कंपनी द्वारा बारिश की आड़ में रसायन युक्त जहरीला पानी नदी में छोड़ा गया है। लोगों का कहना है कि पहले भी कई बार इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन हर बार मामले को दबा दिया जाता है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित विभागों की लापरवाही और उद्योगों की मनमानी के कारण नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है।

घटना से आक्रोशित ग्रामीण बड़ी संख्या में चिकनी नदी में उतर गए और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और दोषी उद्योग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मत्स्य विभाग नालागढ़ के अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि मछलियों के मरने का मामला सामने आया था। मछलियों को मरे हुए काफी समय हो गया था, लेकिन प्रदूषण बोर्ड ने पानी के सैंपल भरे हैं जल्द ही मछलियों के मरने का कारण साफ हो जाएगा। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड बद्दी के एक्सियन अतुल परमार का कहना है कि सैंपल एकत्रित कर लिए हैं और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मामले की निष्पक्ष जांच अमल में लाई जाएगी।

 

 


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Kuldeep

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