लिव-इन रिलेशनशिप पर पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार का बड़ा बयान, राज्य सरकारों से कर दी ये अपील
punjabkesari.in Saturday, Mar 28, 2026 - 01:22 PM (IST)
पालमपुर (भृगु): पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी ठहराए जाने वाले फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे एक सभ्य समाज के लिए गैर-कानूनी कृत्य और समाज के खिलाफ एक भयंकर पागलपन करार दिया है। शांता कुमार ने सभी राज्य सरकारों और समाज से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द एक सख्त कानून बनाकर लिव-इन रिलेशनशिप को एक बड़ा अपराध घोषित किया जाए।
बता दें कि हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक निर्णय में कहा था कि लिव-इन रिलेशन पर किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती है। इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए शांता कुमार ने कहा कि इस तरह के संबंध समाज के बुनियादी ढांचे को तबाह कर रहे हैं। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि जब एक शादीशुदा व्यक्ति, जिसके बच्चे भी हैं, वह अपनी पत्नी को छोड़कर किसी अन्य गैर महिला के साथ अलग रहने लगता है, तो यह पूरे समाज के प्रति एक भयंकर अपराध है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने लिव-इन रिलेशनशिप के कारण परिवारों पर पड़ने वाले मानसिक और सामाजिक प्रभाव पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जरा सोचिए, जब उस परिवार के बच्चे अपने पिता को याद करते होंगे, तो उनके बाल मन पर क्या गुजरती होगी और वे क्या सोचते होंगे। इस प्रकार की घटनाओं के कारण कई हंसते-खेलते परिवार टूट जाते हैं।
शांता कुमार ने स्पष्ट किया कि लिव-इन रिलेशन जैसी प्रथाएं समाज में बुरे संस्कार पैदा कर रही हैं और हमारे सामाजिक परिवेश को पूरी तरह से दूषित कर रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे रिश्तों को किसी भी सूरत में समाज में मान्यता नहीं मिलनी चाहिए। इसलिए यह अत्यंत आवश्यक है कि देश की सभी राज्य सरकारें एकजुट होकर इसके खिलाफ अति शीघ्र कानून बनाएं और लिव-इन रिलेशनशिप को एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में लाएं। क्या आप शांता कुमार के इस बयान से सहमत हैं? क्या लिव-इन रिलेशनशिप पर रोक लगनी चाहिए? कमेंट में अपनी राय जरूर दें।

