Shimla: करुणामूलक आधार पर नौकरी पाने वाले JOA (IT) को करना होगा ये डिप्लोमा, सरकार ने जारी किए आदेश
punjabkesari.in Sunday, Apr 05, 2026 - 07:38 PM (IST)
शिमला (प्रीति): हिमाचल प्रदेश में करुणामूलक आधार पर नौकरी पाने वाले जूनियर ऑफिस असिस्टैंट (JOA-IT) के लिए राज्य सरकार ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। अब इन कर्मचारियों के लिए नाइलेट से O या A लेवल का कम्प्यूटर डिप्लोमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला उपनिदेशकों को तत्काल प्रभाव से आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
BCA, MCA और PGDCA की डिग्रियां नाइलेट के समकक्ष नहीं
इस आदेश की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली बात यह है कि उच्च शिक्षा वाली डिग्रियों को इस पद के लिए नाइलेट के समकक्ष नहीं माना जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन उम्मीदवारों के पास पीजीडीसीए, जीएनआईआईटीटी, बीसीए, एमसीए या कोई अन्य कम्प्यूटर डिप्लोमा/डिग्री है, उन्हें नाइलेट O या A लेवल के बराबर नहीं माना जाएगा। विभाग का तर्क है कि नाइलेट कोर्स में विशेष प्रकार के निर्धारित मॉड्यूल, प्रैक्टिकल और प्रोजैक्ट शामिल होते हैं, जो अन्य डिग्रियों और कोर्सों से बिल्कुल अलग हैं।
ज्वाइनिंग के तुरंत बाद करना होगा नामांकन
विभाग द्वारा जारी पत्र में वित्त विभाग के 6 अगस्त, 2020 के कार्यालय ज्ञापन का हवाला दिया गया है। इसके अनुसार जेओए (आईटी) के पद पर करुणामूलक नियुक्ति पाने वाले कर्मचारियों को अपनी ज्वाइनिंग के तुरंत बाद नाइलेट के O या A लेवल कोर्स में नामांकन करना अनिवार्य होगा।
उपनिदेशकों को मिले सख्त निर्देश, होगी कार्रवाई
उच्च शिक्षा विभाग ने इसे अत्यंत महत्वपूर्ण मामला बताते हुए सभी जिला उपनिदेशकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में ऐसे सभी जेओए (आईटी) कर्मचारियों की सूची तैयार करें जो करुणामूलक आधार पर लगे हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ये कर्मचारी अनिवार्य रूप से नाइलेट कोर्स में दाखिला लें और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना कोर्स पूरा करें। विभाग ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि कोई कर्मचारी इन निर्धारित शर्तों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ नीति के अनुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ऐसे सभी मामलों की रिपोर्ट तुरंत निदेशालय को भेजनी होगी।

