Himachal: स्कूलों में बार-बार खराब रिजल्ट देने वाले प्रिंसीपल, हैडमास्टर व शिक्षकों की रुक सकती है इन्क्रीमैंट, विभाग ने जारी किए ये निर्देश
punjabkesari.in Friday, May 15, 2026 - 09:37 PM (IST)
शिमला (प्रीति): स्कूलों में बार-बार खराब बोर्ड परीक्षा परिणाम देने वाले प्रधानाचार्यो, हैडमास्टर व शिक्षकों की इस बार इन्क्रीमैंट रुक सकती है। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला उपनिदेशकों को निर्देश जारी कर प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड परीक्षा 2025 में 10वीं और 12वीं कक्षा में खराब परिणाम दर्ज करवाने वाले प्रधानाचार्यों, हैडमास्टर, प्रवक्ताओं, टीजीटी और सी एंड वी की सूची तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं। बताया जा रहा है कि इस बार ऐसे शिक्षक, हैडमास्टर, प्रधानाचार्य, सी एंड वी, टीजीटी और प्रवक्ता जिनका इस बार का परीक्षा परिणाम भी खराब है, उनकी इंक्रीमैंट रोकी जा सकती है।
पिछली बार विभाग की ओर से इन्हें चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन इस बार इसमें कार्रवाई तय है। हालांकि इनकी सर्विस बुक में एंट्री होगी। इसी कड़ी में जिला शिमला के सभी सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक एवं हाई स्कूलों को भी मामले पर जिला उपनिदेशक की ओर से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। गौर हो कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने मार्च 2026 की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इसके बाद शिक्षा विभाग ने उन स्कूलों और शिक्षकों का विवरण मांगा है, जिनका परीक्षा परिणाम निर्धारित मानकों से कम रहा है।
निदेशालय की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि सरकार द्वारा वर्ष 2010, 2011 और 2014 में जारी परिणाम मूल्यांकन नीति का अध्ययन करने को कहा गया है। स्कूलों को कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों का विस्तृत विश्लेषण तैयार कर निर्धारित प्रारूप में जिला कार्यालय तथा निदेशालय को भेजना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कमजोर परीक्षा परिणामों के मामलों में नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए संबंधित प्रधानाचार्यों, मुख्याध्यापकों और शिक्षकों की जवाबदेही तय की जाएगी। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि रिपोर्ट समय रहते भेजी जाए।

