Weather Update: हिमाचल में मौसम के 2 रंग, अब मैदानी इलाकों में हीट वेव और अंधड़ का यैलो अलर्ट
punjabkesari.in Tuesday, May 19, 2026 - 08:18 PM (IST)
शिमला (संतोष): हिमाचल प्रदेश में इन दिनों मौसम के 2 अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गरज के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर मैदानी और मध्य पहाड़ी इलाकों में सूरज के तीखे तेवरों के कारण पारा लगातार चढ़ रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार आने वाले दिनों में मैदानी इलाकों में लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है, जिसके लिए विभाग ने हीट वेव और आंधी-तूफान का यैलो अलर्ट जारी किया है।
मंगलवार को राज्य के कुछ ऊंचाई वाले और मध्य पहाड़ी हिस्सों में प्री-मानसून की बौछारें गिरी हैं। कुल्लू जिले के भुंतर में सबसे अधिक 19 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि मनाली में बूंदाबांदी हुई है। इसके विपरीत मैदानी और निचली पहाड़ियों वाले इलाकों में गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। ऊना में सर्वाधिक 43.4 डिग्री अधिकतम तापमान रहा, जबकि राजधानी शिमला में 29.4 डिग्री दर्ज किया गया। रात के तापमान में भी बढ़ौतरी दर्ज की गई है, जिससे मैदानी इलाकों में रातें भी गर्म होने लगी हैं। राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में 6.1 डिग्री रिकॉर्ड हुआ है।
आगामी दिनों के लिए यैलो अलर्ट जारी
मौसम केंद्र शिमला द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार आगामी दिनों के लिए राज्य के अलग-अलग हिस्सों में दोहरी चेतावनी जारी की गई है। मैदानी और निचली पहाड़ियों के लिए (ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर) के इन जिलों के कुछ हिस्सों में आगामी दिनों में तीव्र उष्ण लहर चलने की आशंका है। दोपहर के समय लू के थपेड़ों से बचने की सलाह दी गई है। मध्य और उच्च पहाड़ियों के लिए (शिमला, मंडी, कुल्लू, चंबा) जिलों के इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज अंधड़ (30-40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं) चलने और आसमानी बिजली कड़कने का यैलो अलर्ट रहेगा।
मौसम विभाग की सलाह
बढ़ते तापमान और लू की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य और मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और खेतों में काम करने वाले मजदूरों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हाइड्रेटेड रहने को कहा गया है। पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले पर्यटकों को भी आंधी-तूफान के अलर्ट को देखते हुए सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

