Himachal: मनरेगा की जगह VB-G RAM G योजना पर CM सुक्खू ने जताई आपत्ति, बोले-केंद्र से उठाएंगे मामला
punjabkesari.in Wednesday, Jul 08, 2026 - 10:45 PM (IST)
शिमला (संतोष): मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बंद करके उसकी जगह वीबी-जी राम जी योजना लागू करना राज्य के हित में नहीं है। मुख्यमंत्री ने यह बात ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को प्रमुखता से केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा के तहत केंद्र सरकार 100 प्रतिशत धनराशि प्रदान करती थी। इसके विपरीत नई वीबी-जी राम जी योजना में कुल खर्च का 10 फीसदी राज्य सरकार को वहन करना होगा। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि इस बदलाव से राज्य के सीमित वित्तीय संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, इसलिए इस फैसले का विरोध किया जाएगा।
ग्रामीण एवं पंचायत स्तर पर बुनियादी ढांचे का होगा विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निर्माणाधीन पंचायत घरों का कार्य पूरा करने के लिए सरकार 30 करोड़ रुपए की धनराशि उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने ऊना जिला में बन रहे जिला पंचायत संसाधन केंद्र के निर्माण को पूरा करने के लिए भी अतिरिक्त बजट जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए खाली पड़े पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है तथा भविष्य में नई भर्तियां भी की जाएंगी। ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अब तक 310 स्वयं सहायता समूहों को 65.56 लाख रुपए की ऋण सहायता प्रदान की जा चुकी है। इन समूहों के उत्पादों की बेहतर बिक्री के लिए शिमला में हिमाचल हाट का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा पंडोह और कुल्लू में भी नए शोरूम स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि धर्मशाला में यह पहले से ही संचालित हैं। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए समूहों को फूड वैन उपलब्ध करवाई गई है और भविष्य में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी।
प्रमुख योजनाओं को मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से जोड़ने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने विभाग के सचिव को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी प्रमुख योजनाओं को मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से जोड़ा जाए ताकि इनकी ऑनलाइन मॉनीटरिंग प्रभावी ढंग से हो सके और पात्र लोगों को समय पर लाभ मिल सके। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, सचिव सी. पालरासू, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के निदेशक राघव शर्मा सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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