Himachal: चिट्टे के खात्मे के लिए CM सुक्खू ने पुलिस काे साैंपे 18 हाईटैक वाहन, नशा तस्कराें काे दी ये बड़ी चेतावनी
punjabkesari.in Friday, Jan 09, 2026 - 07:04 PM (IST)
शिमला (राक्टा): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को प्रदेश सचिवालय शिमला से पुलिस विभाग के 18 अत्याधुनिक एंटी चिट्टा एवं पैट्रोलिंग वाहनों को झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों में 12 एंटी चिट्टा वाहन, 4 एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग वाहन तथा बचाव अभियान के लिए 2 एम्बुलैंस शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में सरकार पुलिस विभाग को स्मार्ट उपकरणों, आधुनिक वाहनों, डिजिटल निगरानी प्रणाली और उन्नत संचार साधनों से सशक्त बना रही है, ताकि अपराध पर त्वरित नियंत्रण और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
सरकार चिट्टे के समूल नाश के लिए कृतसंकल्प
सीएम सुक्खू ने कहा कि ये नए एंटी-चिट्टा वाहन न केवल नशा तस्करी की रोकथाम में सहायक होंगे, बल्कि गश्त, निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को भी बढ़ाएंगे। इन वाहनों में आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं, जिससे पुलिस की कार्यकुशलता और पहुंच में उल्लेखनीय सुधार होगा। सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य तकनीक-सक्षम, उत्तरदायी और जनहितैषी पुलिस व्यवस्था स्थापित करना है। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से पुलिस आधुनिकीकरण, प्रशिक्षण और संसाधनों के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्हाेंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से बचाने और समाज को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार हरसंभव कदम उठा रही है और पुलिस बल को मजबूत करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बीते 15 नवम्बर से प्रदेश में चिट्टे के खिलाफ अभियान शुरू किया है। इसके तहत 4 जिलों में वॉकथॉन का भी आयोजन किया गया है। सरकार चिट्टे के समूल नाश के लिए कृतसंकल्प है और पुलिस की तत्परता और प्रतिबद्धता के कारण बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं।
युवाओं को चिट्टे की चपेट से बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
सीएम सुक्खू ने दोहराया कि युवाओं को चिट्टे की चपेट से बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पुलिस विभाग के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है। जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत करवाया जा रहा है। पुलिस का हर कर्मचारी इस सोच के साथ काम कर रहा है कि प्रदेश को चिट्टे से मुक्त करना है। उन्होंने कहा कि पंजाब के साथ जो बॉर्डर लगते थे, वहां पहले चिट्टा की खपत काफी ज्यादा थी, जो अब कम हुई है। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
तस्कर सुधर जाएं, अन्यथा जल्द सलाखों के पीछे होंगे
सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश पुलिस ने नशे के बड़े-बड़े नैटवर्क बेनकाब किए हैं। करोड़ों रुपए की अवैध संपत्ति जब्त की है और कई तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। कानून के तहत सिर्फ गिरफ्तारियां ही नहीं कीं, बल्कि नशे के पूरे सिस्टम पर सीधा, गहरा और निर्णायक प्रहार किया है। उन्होंने तस्करों को चेताया कि वे सुधर जाएं, अन्यथा वे दिन दूर नहीं, जब वे सलाखों के पीछे होंगे और उनकी अवैध संपत्तियों को भी जब्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी सूरत में नशे के नैटवर्क को पनपने नहीं देगी।
पुलिस बल के मनोबल-प्रगति पर विशेष ध्यान विशेष ध्यान दे रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पुलिस बल के मनोबल और करियर प्रगति पर विशेष ध्यान दे रही है। पिछले वर्ष के दौरान विभाग में 274 कांस्टेबल, 98 इंस्पैक्टर, 225 सब इंस्पैक्टर और 225 असिस्टैंट सब इंस्पैक्टर पदोन्नत हुए हैं। इसके अलावा अन्य कैडर में 95 कर्मियों को पदोन्नति मिली और ड्राइवर कैडर में भी 31 पदोन्नतियां की गईं। इससे न केवल पुलिस बल का मनोबल बढ़ा है, बल्कि नेतृत्व और कार्यक्षमता, दोनों और मजबूत हुई हैं।
सीटीएनएस/आईसीजेएस में हिमाचल काे पहला स्थान
सीएम सुक्खू ने कहा कि सीटीएनएस के तहत हिमाचल ने पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा आईसीजेएस में भी राज्य ने अपनी श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया है। यौन अपराधों की जांच की निगरानी प्रणाली आईटीएसएसओ में अनुपालना दर 93 प्रतिशत से अधिक रही है। यह उपलब्धियां इंगित कर रही हैं कि हिमाचल पुलिस लगातार आधुनिक, सक्षम और परिणामोन्मुख बन रही है।

