Una: सुक्खू सरकार ने फिजूलखर्ची पर नहीं लगाई रोक, मित्रों की फौज पर लुटाया सरकारी धन : राजेंद्र राणा
punjabkesari.in Saturday, Feb 14, 2026 - 06:22 PM (IST)
ऊना (विशाल): भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने जिला मुख्यालय पर पत्रकारवार्ता करते हुए प्रदेश सरकार पर आर्थिक कुप्रबंधन और फिजूलखर्ची के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वित्तीय अनुशासन अपनाने के बजाय सरकारी धन का दुरुपयोग किया, जिसके चलते प्रदेश की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। उन्होंने रैवेन्यू डैफिसिट ग्रांट के मुद्दे को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि केंद्र सरकार और वित्त आयोग पहले ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट कर चुके थे।
प्रदेश की आर्थिक चुनौतियों के लिए सरकार की नीतियां जिम्मेदार
राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार जनता को गुमराह कर राजनीतिक सहानुभूति हासिल करने का प्रयास कर रही है। प्रदेश की आर्थिक चुनौतियों के लिए सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं और वित्तीय प्रबंधन में गंभीर खामियां रही हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने फिजूलखर्ची पर नियंत्रण नहीं किया और सरकारी संसाधनों का उपयोग प्राथमिकताओं के अनुसार नहीं किया गया। अब जब रैवेन्यू डैफिसिट ग्रांट में बदलाव हुआ है तो सरकार केंद्र पर आरोप मढ़कर अपनी जिम्मेदारियों से बचने का प्रयास कर रही है।
क्या सलाहकारों की फौज भर्ती करने से पहले केंद्र से पूछा था?
राजेंद्र राणा ने दावा किया कि प्रदेश में पिछले साढ़े तीन वर्षों से आर्थिक कुप्रबंधन का दौर चल रहा है, जिसका असर विकास कार्यों और आम जनता पर पड़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि यदि सरकार ने अपने कार्यालय में सलाहकारों और कर्मचारियों की नियुक्तियां बढ़ाईं तो क्या इसके लिए केंद्र से कोई परामर्श लिया गया था। उन्होंने इसे मित्रों की फौज बताते हुए आरोप लगाया कि सरकारी धन का उपयोग राजनीतिक और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं के लिए किया गया।

