Chamba: मणिमहेश यात्रा के दौरान 2 लोगों की मौत
punjabkesari.in Wednesday, Sep 09, 2026 - 03:49 PM (IST)
भरमौर (उत्तम): पवित्र श्री मणिमहेश यात्रा के दौरान मंगलवार और बुधवार को 2 लोगों की मौत हो गई। मंगलवार को 55 वर्षीय श्रद्धालु की हार्ट अटैक से मौत हुई, जबकि बुधवार को गौरीकुंड में लंगर में सेवा कर रहे 51 वर्षीय व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। मंगलवार को जान गंवाने वाले श्रद्धालु की पहचान हरियाणा के अंबाला जिले के फतेहगढ़ निवासी 55 वर्षीय व्यक्ति के रूप में हुई है। यात्रा के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध करवाई गई, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
उनके साथ आए लोगों के अनुसार मृतक का पहले भी हृदय संबंधी उपचार हो चुका था और उनके दिल में स्टेंट डाला गया था। भरमौर स्थित सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं बुधवार को गौरीकुंड में लंगर में सेवा कर रहे 51 वर्षीय सुच्चा सिंह की मौत हो गई। वह पठानकोट पंजाब के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि गौरीकुंड में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई, हालांकि उनकी मौत के कारणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। शव को गौरीकुंड से नीचे लाने पर पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
स्वास्थ्य जांच करवाकर ही यात्रा करें श्रद्धालु : एडीएम
2 लोगों की मौत के बाद एडीएम भरमौर विकास शर्मा ने मणिमहेश यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से यात्रा शुरू करने से पहले अपने स्वास्थ्य की उचित जांच करवाने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, सांस संबंधी बीमारी अथवा अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित श्रद्धालुओं को चिकित्सकीय परामर्श लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी।
एडीएम ने कहा कि मणिमहेश यात्रा का पैदल मार्ग कठिन और अधिक ऊंचाई वाला है। ऐसे में श्रद्धालु अपनी शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखकर ही यात्रा करें। यात्रा के दौरान पर्याप्त आराम करने और शरीर में पानी की कमी न होने देने का भी ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि यदि यात्रा के दौरान सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, चक्कर या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण महसूस हों तो बिना देरी किए निकटतम मैडीकल कैंप में चिकित्सकीय सहायता लें। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने और चिकित्सकों की सलाह का पालन करने का आग्रह किया, ताकि मणिमहेश यात्रा सुरक्षित एवं सुगम तरीके से संपन्न हो सके।

