इस स्वास्थ्य केंद्र में 7 साल से धूल फांक रही एक्स-रे मशीन

10/19/2021 7:00:20 PM

भड़ेला (चुनी लाल): सरकार ने घर-द्वार स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के नाम पर जगह-जगह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो खोल दिए गए हैं, लेकिन उनमें चिकित्सक व अन्य स्टाफ की तैनाती करना भूल गई। ऐसे में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डियूर में एक्स-रे मशीन पिछले 7 सालों से धूल फांक रही है। रेडियोग्राफर न होने के कारण एक्स-रे नहीं हो रहे हैं। मरीजों को 15 किलोमीटर दूरी तय करके नागरिक अस्पताल किहार का रुख करना पड़ रहा है। हालांकि अन्य स्टाफ की कमी नहीं है, फिर भी लोग स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं। मशीन के स्थापित होने के साथ ही क्षेत्र के लोगों में उम्मीद जगी थी कि उन्हें अब एक्स-रे सुविधा का लाभ प्राप्त करने के लिए सी.एच.सी. किहार का रुख नहीं करना पड़ेगा, लेकिन लोगों की यह उम्मीद आज भी पूरी नहीं हो पाई है।

पी.एच.सी. डियूर में रेडियोग्राफर का पद स्वीकृत नहीं है जिससे मशीन सफेद हाथी बनी हुई है। लोगों की मांग पर पी.एच.सी. डियूर में जिला परिषद हैड से इस मशीन को स्थापित किया गया था, लेकिन इसके बावजूद एक्स-रे की सुविधा नहीं मिल पाई है। ऐसे में जब किसी मरीज को डाक्टर द्वारा एक्स-रे करवाने के लिए कहा जाता है तो उन्हें एक्स-रे करवाने के लिए किहार का रुख करना पड़ता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब रेडियोग्राफर का पद ही स्वीकृत नहीं है तो अस्पताल में 7 साल से धूल फांक रही मशीन का क्या फायदा। लगभग 20 हजार आबादी को उक्तसुविधा का तब तक लाभ नहीं मिल सकता जब तक सरकार यहां रेडियोग्राफर की नियुक्ति नहीं करती।

सी.एम.ओ. डा. कपिल शर्मा ने बताया कि जिले में रेडियोग्राफर की कमी चल रही है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। पद स्वीकृत होते ही डियूर पी.एच.सी. में रेडियोग्राफर की नियुक्ति कर दी जाएगी।

रोजाना 20-30 रहती है ओ.पी.डी.
पी.एच.सी. डियूर में रोजाना 20-30 ओ.पी.डी. रहती है। यहां डियूर, लनोट, पिछला डियूर, कंधवारा, डांड, भड़ेला व खड़ज़ौता के साथ-साथ हिमगिरी तक के रोगी उपचार के लिए पहुंचते हैं, लेकिन मरीजों को एक्स-रे सुविधा का लाभ नहीं मिलने से सी.एच. किहार का रुख करना पड़ता है।


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Kuldeep

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