NIT हमीरपुर में भर्ती प्रकिया की जांच का ABVP ने किया स्वागत, कहा-भ्रष्टाचार का अड्डा नहीं बनेगा कोई भी शिक्षण संस्थान

7/16/2020 7:16:41 PM

शिमला (योगराज): एनआईटी हमीरपुर में शैक्षणिक पदों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा जांच के आदेश देने का अखिल विद्यार्थी परिषद ने स्वागत किया है। विद्यार्थी परिषद के प्रदेश मंत्री राहुल राणा ने प्रैस विज्ञाप्ति जारी करते हुए कहा कि काफी लंबे समय से विद्यार्थी परिषद एनआईटी निदेशक को पद से हटाने और भर्ती प्रक्रिया की जांच करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रही थी और अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा जांच के आदेश देना विद्यार्थी परिषद के लिए जीत के बराबर है।

राहुल राणा ने कहा कि पिछले एक वर्ष के भीतर हुईं शिक्षक भर्तियों नियमों की धज्जियां उड़ा कर गई हैं फिर चाहे एनआईटी के मुखिया के गृह क्षेत्र से लगभग 70 प्रतिशत तक नियुक्तियों की बात हो या करीबी रिश्तेदारों की नियुक्ति करने की बात हो। जितनी भी नियुक्तियां पिछले एक वर्ष के भीतर हुई हैं वे भाई-भतीजावाद विशेष के आधार पर हुई हैं। विद्यार्थी परिषद काफी लंबे समय से यह मांग कर रही थी कि इस पूरी भर्ती प्रक्रिया की जांच की जाए। सहायक प्रोफैसर (आरक्षित) ग्रेड -2 की भर्ती में एनआईटी अधिनियम के अनुसार रैगुलर भर्ती के लिए ग्रेड-पे 8000 या इससे ऊपर होना जरूरी है जबकि 600 और 7000 ग्रेड-पे वाले 31 लोगों को रैगुलर सहायक प्रोफैसर भर्ती कर लिया गया। इसके साथ ही ग्रेड-1 सहायक प्रोफैसर की भर्ती में अनुबन्ध अनुभव को रैगुलर अनुभव मानकर 6 सहायक प्रोफैसर को भर्ती कर लिया गया। इस आधार पर नियुक्तियां निदेशक ने अपनी चहेतों को नौकरी देने के लिए की हैं।

राहुल राणा ने कहा कि एनआईटी जैसा शिक्षण संस्थान वर्तमान में व्यापक रूप भ्रष्टाचार का अड्डा बन हुआ है जोकि चिंताजनक विषय है। आज एनआईटी की रैंकिंग 2016 में 51वें, 2017 में 59वें, 2019 में 60वें और 2020 में 98वें तक पहुंच गई है, जिस कारण एनआईटी में शिक्षा ग्रहण कर हरे लगभग 8 हजार शिक्षार्थियों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। राहुल राणा ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आने वाले समय मे प्रदेश के किसी भी शिक्षण संस्थान को भ्रष्टाचार का अड्डा नहीं बनने देगी और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।


Vijay

Related News