हिमाचल से दिल्ली-चंडीगढ़ के लिए एचआरटीसी के 40 प्रतिशत रूट कैंसल

4/22/2021 10:02:12 PM

शिमला (राजेश): दिल्ली में लॉकडाऊन और पंजाब में नाइट कर्फ्यू के बाद दिल्ली व चंडीगढ़ के लिए एचआरटीसी बसों को सवारियां नहीं मिल रही हैं, वहीं प्रदेश में खराब हुए मौसम ने सवारियां और भी घटा दी हैं। प्रदेश के चारों डिवीजन हमीरपुर, मंडी, शिमला और धर्मशाला के विभिन्न बस डिपुओं से दिल्ली व चंडीगढ़ के लिए करीब 40 प्रतिशत रूट कैंसल कर अन्य रूट क्लब कर दिए गए हैं। निगम प्रबंधन की मानें तो बाहरी राज्यों में लॉकडाऊन व कर्फ्यू के बाद सवारियों में कमी आई है और सवारियां नहीं मिल रही हैं।

प्रदेश के जिन डिपुओं से पहले 3-4 बसें दिल्ली व चंडीगढ़ को रोजाना निकलती थीं, वहीं अब 2-3 बसें भेजी जा रही हैं। प्रदेश के बड़े डिपो जैसे शिमला, धर्मशाला, मंडी, हमीरपुर, कांगड़ा व चम्बा आदि से जहां रोजाना 13 से 14 बसें जाती थीं, वहीं उन रूटों से अब 6 से 7 बसें भेजी जा रही हैं। निगम प्रबंधन फिलहाल समीक्षा कर रहा है कि किन रूटों पर सवारियां अधिक हैं और किन रूटों पर 50  प्रतिशत के साथ एवरेज सवारियां मिल रही हैं। यदि सवारियां नहीं मिलती हैं तो आगामी दिनों में इंटर स्टेट रूटों में चलने वाले मौजूदा समय में चल रहे रूटों को भी निगम क्लब कर सकता है।

शिमला से दिल्ली व चंडीगढ़ जाने वाली बसों की स्थिति

शिमला से दिल्ली लॉकडाऊन से पहले 11 ऑर्डीनरी बसें जाती थीं जिनमें से अभी निगम 8 बसें ही दिल्ली भेज रहा है। निगम ने दिल्ली जाने वाली वोल्वो बसों में सवारियां न मिलने पर भारी कटौती की है। पहले 8 वोल्वो दौड़ती थीं, अब 2 वोल्वो दिल्ली जा रही हैं जिनमें से एक डे व दूसरी नाइट में है। इन बसों में भी सवारियां न के बराबर हैं। चंडीगढ़ को भी बसों में निगम ने भारी कटौती की है। जहां चंडीगढ़ पहले 22 से 23 बसें जाती थीं, वहीं अब 13 से 14 बसें चंडीगढ़ जा रही हैं। आगामी दिनों में इन्हें भी क्लब किए जाने की तैयारी निगम कर रहा है।

52 दिन से बिना सैलरी के काम कर रहे निगम कर्मचारी

बसों में सवारियां घटने से निगम की दैनिक कमाई में एकदम से भारी गिरावट आई है। वीरवार को बिना सैलरी के काम करते हुए एचआरटीसी कर्मचारियों को 52 दिन हो गए हैं जिससे कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

क्या बोले एचआरटीसी के एमडी

एचआरटीसी के एमडी संदीप कुमार ने बताया कि कर्मचारियों को आगामी 1-2 दिनों में वेतन मिलेगा, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। दिल्ली व चंडीगढ़ के लिए सवारियां कम होने से रूट क्लब कर चलाए जा रहे हैं लेकिन उनमें भी सवारियां नहीं हैं। यदि सवारियां नहीं मिलीं तो और भी रूट क्लब किए जा सकते हैं।


Content Writer

Vijay

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