Mandi: बनियुरी देव के मंदिर में 32 जोड़ों ने लिए सात फेरे
punjabkesari.in Wednesday, Feb 26, 2025 - 09:58 PM (IST)
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गोहर (ख्यालीराम) : देव बनियुरी मंदिर बैला में महाशिवरात्रि के अवसर पर पंजाब से आए एक जोड़े सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के आए 32 जोड़ों ने शादी के सात फेरे लिए। मंदिर कमेटी के विवाह पंजीकरणकर्त्ता पुजारी निधि सिंह ने बताया कि मंदिर की ओर से विवाह पंजीकरण पत्र नव जोड़ों को प्रदान किए गए। वर-वधु की शादी नहीं हो रही या शादी में कुंडली बाधा बन रही है तो ऐसे जोड़े देव बालाकामेश्वर बनियुरी की शरण में जा सकते हैं। शास्त्र की कुंडली के अनुसार वर या वधु पक्ष या दोनों पक्ष के ग्रह गोचर में अमंगल दशा हावी है या जिनके वैवाहिक जीवन के लग्न जोड़ने में ज्योतिष विद्या के जानकार जोड़-घटाव में अपनी असमर्थता जाहिर करते हों, ऐसे में देव बनियुरी ही वर-वधु लग्न जोड़ने के विधाता माने जाते हैं। देवता बिना कुंडली मिलान के ही अपने दरबार में शादी करवा देते हैं। अब तक ऐसे हजारों लोग देवता की शरण में जाकर शादी कर चुके हैं और सुखी वैवाहिक जीवन जी रहे हैं।
देवता के पास शारीरिक बीमारियों को भी खत्म करने की शक्तियां हैं। इसी लिए देव बनियुरी को 18 प्रकार की शारीरिक बीमारियों (व्याधियों) के खात्मे का भंडारी माना गया है। देव बनियुरी के पुजारी डोला राम ठाकुर ने बताया कि रजबाड़ा काल में मंडी रियासत में कई गांवों को चर्म रोग ने चपेट में ले लिया था। महामारी के चलते राजा की रियासत में इतना भयंकर प्रकोप बढ़ता गया कि वैद्य की दवा और अन्य झाड़-फूंक के विधान सब बौने पड़ गए। तब राजा ने बीमारी के खात्मे को लेकर जनपद के सभी देवताओं को अपने महल बुलाया और उनकी परीक्षा लेनी चाही। राजा ने कहा कि जो देव शक्ति बीमारी को नेस्तनाबूद करेगी, उसे रियासत की ओर से जागीर दी जाएगी। देव बालाकामेश्वर बनियुरी ने राजा की फरियाद सुनकर बीमारी को खत्म करने का वचन दिया। उसके बाद राजा ने उन्हें जागीर के रूप में नौ गढ़ नाचन व 5 गढ़ पंडोह सुरक्षा की बागडोर सौंपी है। देव समाज में बाला कामेश्वर देव बनियुरी 12 कामेश्वरों में सबसे बड़े देवता तो हैं ही, साथ इन्हें शास्त्र, वेद में उच्च स्तर की शक्तियां भी अर्जित हैं। देव समाज में देव बनियुरी को बारिश का देवता भी मानते हैं।