Shimla: पुलिस से बचने के लिए बस में छोड़ा चिट्टे वाला बैग, रामपुर से 3 तस्कर गिरफ्तार
punjabkesari.in Wednesday, Oct 21, 2026 - 04:42 PM (IST)
शिमला (संतोष): अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी दिखा ले, लेकिन कानून के हाथों से बचना नामुमकिन है। हिमाचल की शिमला पुलिस ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। शोघी के पास एक बस में पुलिस को चकमा देने के लिए तस्करों ने जिस 36 ग्राम चिट्टे वाले बैग को लावारिस छोड़ दिया था, पुलिस ने उस ब्लाइंड केस की परतें उधेड़ दी हैं। पुलिस ने इस मामले में रामपुर में दबिश देकर तीन मुख्य गुनहगारों को धर दबोचा है।
लावारिस बैग में मिला था नशीला पदार्थ
घटनाक्रम के अनुसार 13 अक्तूबर को शोघी पुलिस चौकी के समीप पुलिस टीम नियमित नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक बस को रोककर उसकी गहन तलाशी ली गई। जांच के दौरान बस के ऊपरी रैक पर एक काले रंग का पिट्ठू बैग रखा हुआ मिला, जिसके अंदर से लगभग 36 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। घटना के समय बस में मौजूद किसी भी यात्री ने उस बैग पर अपना दावा नहीं किया। तस्कर की पहचान न होने के कारण पुलिस ने उस वक्त अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
सुराग तलाशते हुए पहले आरोपी तक पहुंची पुलिस
बैग का कोई दावेदार न मिलने के बावजूद पुलिस ने हार नहीं मानी और मानवीय खुफिया तंत्र व तकनीकी साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया। पुलिस की इस कड़ी मेहनत का परिणाम जल्द ही सामने आया। अहम सुरागों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 16 अक्तूबर को मामले के पहले आरोपी 31 वर्षीय अविनाश कपूर निवासी रामपुर को गिरफ्तार कर लिया।
रामपुर में दबिश देकर दो अन्य को दबोचा
पहले आरोपी से हुई प्रारंभिक पूछताछ और जांच में मिले इनपुट्स के आधार पर बालूगंज पुलिस थाने की एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने रामपुर क्षेत्र में दबिश दी और 19 अक्तूबर को इस नैटवर्क से जुड़े दो अन्य आरोपियों को भी धर दबोचा। इन आरोपियों की पहचान 26 वर्षीय विशाल ठाकुर और 31 वर्षीय खुशवंत सिंह (दोनों निवासी रामपुर, जिला शिमला) के रूप में हुई है।
अदालत ने पुलिस रिमांड पर भेजे आरोपी
एएसपी शिमलामेहर पंवर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ दर्ज मामले में सभी तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों को कोर्ट द्वारा आगामी पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है ताकि पता लगाया जा सके कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसका मुख्य सप्लायर कौन है।
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