Shimla: हिमाचल के ग्रामीण रूटों पर दौड़ेंगी 18 से 42 सीटर बसें, 390 परमिट देगा विभाग
punjabkesari.in Monday, Jan 19, 2026 - 05:47 PM (IST)
शिमला (राजेश): हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतरीन परिवहन सुविधा और बेराेजगारों को रोजगार के अवसर प्रदान के लिए राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत परिवहन विभाग 390 रूटों पर परमिट जारी करेगा। इन रूटों पर 18 से 42 सीटर बस खरीद पर सरकार सीधे युवाओं को 30 प्रतिशत छूट देगी। इस संबंध में परिवहन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। वहीं बेराेजगार युवा अधिसूचित चिन्हित स्टेज कैरिज मार्गों के लिए आवेदन कर सकते हैं। विभाग ने परिवहन विभाग के पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह आवेदन प्रक्रिया 8 फरवरी तक चलेगी। परिवहन विभाग ने स्टार्टअप योजना के तहत लाभ उठाने के लिए एसओपी भी जारी की है। इसी एसओपी के तहत लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। योजना के अंतर्गत केवल वही मार्ग शामिल होंगे, जिन्हें राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाएगा। स्वीकृत वाहन केवल आबंटित मार्गों पर ही संचालित किए जा सकेंगे। मार्गों का आबंटन संबंधित क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरणों के माध्यम से मानक प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।
इन जिलों में इतने रूट परमिट देगा विभाग, कांगड़ा में सबसे अधिक 101 रूट
योजना के तहत परिवहन विभाग ने प्रदेश में 390 रूटों की लिस्ट जारी कर दी है। 12 जिलों में विभाग परमिट जारी करेगा। इनमें सबसे अधिक परमिट कांगड़ा जिले में दिए जाएंगे। कांगड़ा जिले में 101 रूट परमिट जारी किए जाएंगे। इसी तरह बद्दी-नालागढ़ में 9, कुल्लू में 20, सोलन में 7, शिमला में 68, रामपुर में 14, नाहन में 15, चम्बा में 11, बिलासपुर में 19, हमीरपुर में 18, मंडी में 95 और ऊना जिले में 13 रूट परमिट प्राइवेट को दिए जाएंगे।
परिवहन विभाग ने जारी की एसओपी, एक परिवार से एक सदस्य को मिलेगा लाभ
सरकार की योजना का लाभ उठाने के लिए विभाग ने एसओपी जारी की है। इसी एसओपी के तहत ही आवेदनकर्त्ताओं को लाभ मिलेगा। एसओपी के अनुसार आवेदनकर्त्ता के पास बोनाफाइड हिमाचली होना अनिवार्य है। आवेदन के समय बेरोजगार होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त आवेदन किसी भी सरकारी, अर्द्धसरकारी, पीएसयू या राज्य परिवहन उपक्रम में कार्यरत नहीं होना चाहिए। परिवहन विभाग के साथ कोई बकाया न हो। एक परिवार से केवल एक ही सदस्य को योजना का लाभ मिलेगा।
ये रहेगी आवेदन व चयन प्रकिया
एसओपी के अनुसार अधिसूचित मार्गों के लिए आवेदन परिवहन विभाग के नामित पोर्टल के माध्यम से आमंत्रित किए जाएंगे। आवेदनों की जांच संबंधित क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों द्वारा की जाएगी। यदि आवेदनों की संख्या उपलब्ध मार्गों से अधिक हुई तो चयन लॉटरी (ड्रा) ऑफ लॉट्स के माध्यम से किया जाएगा। अंतिम स्टेज कैरिज परमिट संबंधित आरटीओ द्वारा जारी किए जाएंगे और हिमाचल प्रदेश परिवहन नीति की सामान्य शर्तें भी लागू होंगी।
ऐसे मिलेगी सबसिडी
आवेदनकर्त्ताओं को 18 सीटर बसों की ऑन रोड लागत का अधिकतम 30 प्रतिशत तक अनुदान यानी सबसिडी दी जाएगी। सबसिडी केवल मार्ग परमिट जारी होने और वाहन खरीद के बाद ही जारी की जाएगी। वहीं इस योजना में प्राथमिकता स्थानीय निवासी व उपमंडल के निवासियों को मिलेगी। इसके बाद जिला निवासी और फिर अन्य पात्र आवेदकों को दी जाएगी। सबसिडी का भुगतान संबंधित बैंक के माध्यम से श्रम, रोजगार एवं विदेश नियोजन विभाग द्वारा किया जाएगा।
परमिट मिलने के बाद नहीं होगा ट्रांसफर, दुरुपयोग पर परमिट होगा रद्द
एसओपी के तहत परमिट मार्ग गैर-हस्तांतरणीय होगा, यानी एक बार परमिट मिलने के बाद इसे ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा। वहीं लाभार्थी को वाहन का नियमित संचालन सुनिश्चित करना होगा। शर्तों के उल्लंघन, गैर-संचालन या दुरुपयोग की स्थिति में परमिट रद्द कर सबसिडी की वसूली की जाएगी। योजना की निगरानी परिवहन विभाग और श्रम, रोजगार एवं विदेश नियोजन विभाग संयुक्त रूप से करेंगे।

