तीर्थन और सैंज अभ्यारण्य अब नहीं होंगे ग्रेट हिमालयन नैशनल पार्क का हिस्सा, अधिसूचना जारी
punjabkesari.in Thursday, Apr 16, 2026 - 07:48 PM (IST)
शिमला (ब्यूरो): तीर्थन और सैंज वन्यजीव अभ्यारण्य अब ग्रेट हिमालयन नैशनल पार्क का हिस्सा नहीं होंगे। वन विभाग ने इस संबंध में 2 अलग-अलग आधिकारिक अधिसूचनाएं जारी की हैं। सरकार ने 28 जुलाई, 2010 को जारी उस अधिसूचना को रद्द कर दिया है, जिसके तहत इन दोनों अभ्यारण्यों को नैशनल पार्क में मिलाने का इरादा जताया गया था। अब इन दोनों क्षेत्रों की स्वतंत्र वन्यजीव अभ्यारण्य के रूप में पुरानी स्थिति बहाल कर दी गई है। तीर्थन वन्यजीव अभ्यारण्य को सरकार ने 1 नवम्बर, 1999 की अधिसूचना को बहाल करते हुए 61 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को स्वतंत्र वन्यजीव अभ्यारण्य घोषित किया है। सैंज वन्यजीव अभ्यारण्य को 23 अक्तूबर, 1999 की अधिसूचना को बहाल कर 90 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को स्वतंत्र अभ्यारण्य के रूप में मान्यता दी है।
ये ऐतिहासिक निर्णय राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की 26 जून, 2025 को हुई 84वीं बैठक में की गई सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री ने की थी, जिसमें ग्रेट हिमालयन नैशनल पार्क से इन दोनों क्षेत्रों के अविलयन के लिए सीमा परिवर्तन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। वन्य प्राणी (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 26क के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन अधिसूचनाओं को प्रत्यावर्तित किया है।
आदेशों की पुष्टि अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) द्वारा की गई है। इस फैसले से इन क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय समुदायों और वन्यजीव प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सीधा प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि नैशनल पार्क और अभ्यारण्य के नियम व कानून अलग-अलग होते हैं। अब ये दोनों क्षेत्र अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखेंगे।

