शिक्षकों को मिलेगी राहत की सांस, अब नहीं करने पड़ेंगे गैर-शिक्षण कार्य

1/16/2020 11:33:32 AM

शिमला(प्रीति): नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षकों से गैर-शिक्षण कार्य नहीं करवाए जा सकेंगे। भारत सरकार ने शिक्षा नीति में शिक्षकों से केवल शिक्षण कार्य लेने का ही प्रावधान किया है। ऐसे में नई शिक्षा नीति के लागू होते ही पूरे देश में शिक्षकों से गैर-शिक्षण कार्य नहीं लिए जा सकेंगे। ऐसे में शिक्षकों ने भी राहत की सांस ली है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने इस प्रस्तावित शिक्षा नीति को शिक्षा व शिक्षकों के हित में बताया है।

संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि शिक्षक पूरे साल गैर-शिक्षण कार्य में लगे रहते हैं। जनगणना, परिवार रजिस्टर और सर्वे जैसे कई कार्य शिक्षकों से करवाए जाते हैं। ऐसे में यदि रिजल्ट खराब आते हैं तो इसके  लिए शिक्षकों को जिम्मेदार ठहराया जाता है। संघ के महासचिव अशोक शर्मा ने बताया कि भारत सरकार ने जो नई शिक्षा नीति तैयार की है, उसमें शिक्षकों को गैर-शिक्षण कार्यों से दूर रखा गया है। ऐेसे में शिक्षक छात्रों को केवल  पढ़ाई ही करवाएंगे। 

शिक्षकों की न लगाई जाए अन्य कार्यों में ड्यूटी 

संघ के महासचिव ने शिक्षा विभाग व जिला उपायुक्तों से आग्रह किया है जब तक नई शिक्षा नीति लागू नहीं होती तब तक शिक्षकों की ड्यूटी अन्य कार्यों में न लगाई जाए। इससे स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित होता है। संघ के मुताबिक स्कूलों में खराब रिजल्ट आने क ा एक कारण शिक्षकों की अन्य कार्यों में ड्यूटी लगाना भी है। संघ के महासचिव का कहना है कि कई बार प्राथमिक शिक्षक ों ने यह मांग जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से उठाई, लेकिन शिक्षकों की इस मांग पर क ोई गौर नहीं किया गया है। अब शिक्षा नीति में ऐसा प्रावधान होने से शिक्षकों को राहत मिलेगी। शिक्षक नई शिक्षा नीति के लागू होने के बाद कोई भी गैर-शिक्षण कार्य नहीं करेंगे। 
 


Edited By

Simpy Khanna

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