सुप्रीम कोर्ट ने SMC शिक्षकों को दी राहत, हाईकोर्ट के फैसले को पलटा

11/24/2020 7:49:31 PM

शिमला (ब्यूरो): सुप्रीम कोर्ट ने एसएमसी शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए हाईकोर्ट द्वारा उनकी नियुक्तियों को खारिज करने के फैसले को पलट दिया है। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को मामले पर सुनवाई हुई, जिसमें एसएमसी शिक्षकों की नियुक्तियों को सही ठहराया गया है। ऐसे में प्रदेश के 2555 से अधिक एसएमसी शिक्षकों ने राहत की सांस ली है। उल्लेखनीय है हाईकोर्ट ने इन अध्यापकों की नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला सुनाया था। मामले के अनुसार प्रार्थी कुलदीप कुमार व अन्यों ने सरकार द्वारा स्टॉप गैप अरेंजमैंट के नाम पर एसएमसी भर्तियों को प्रदेश हाईकोर्ट में यह कहते हुए चुनौती दी थी कि एसएमसी शिक्षकों की नियुक्तियां गैर-कानूनी हैं और यह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की सरासर अवहेलना है।

प्रार्थियों की यह भी दलील थी कि एसएमसी शिक्षकों की भर्तियों भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के विपरीत हैं। इससे सभी को समान अवसर जैसे मौलिक अधिकार का उल्लंघन हो रहा है। हाईकोर्ट ने प्रार्थियों की याचिका को स्वीकारते हुए न केवल एसएमसी अध्यापकों की नियुक्तियों को रद्द करने के आदेश दिए बल्कि अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया था कि राज्य सरकार 6 महीने के भीतर नियमों के तहत अध्यापकों की नियुक्तियां करे। सुप्रीम कोर्ट में एसएमसी अध्यापकों का कहना था कि वे वर्ष 2012 से हिमाचल के अति दुर्गम क्षेत्रों में बिना किसी रुकावट के अपनी सेवाएं दे रहे हैं और उनका चयन प्रदेश सरकार द्वारा नियमों के तहत किया गया है। वे नियुक्तियों के लिए पूर्ण पात्रता रखते हैं और लंबे समय से उनकी निर्बाधित सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उनकी सेवाओं को नियमित करने की बजाय रद्द करना तर्कसंगत नहीं है।

उधर, पीरियड बेसिस एसएमसी टीचर्ज एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज रोंगटा व हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष पवन कुमार व प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. मामराज पुंडीर ने इसके  लिए प्रदेश सरकार व सुप्रीम कोर्ट का आभार व्यक्त किया है। पीरियड बेसिस एसएमसी टीचर्ज एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज रोंगटा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 2555 से अधिक एसएमसी शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित हो गया है।


Vijay

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