Shimla: नशा तस्करों की 70 लाख की अवैध संपत्ति फ्रीज, लग्जरी वाहन व सोना जब्त
punjabkesari.in Saturday, Jun 27, 2026 - 06:30 PM (IST)
शिमला (संतोष): मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ निर्णायक जंग लड़ रही जिला पुलिस शिमला ने तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ डाली है। पुलिस अब केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे के कारोबार से जुटाई गई काली कमाई को भी सीधा जब्त कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने उपमंडल रामपुर से जुड़े एनडीपीएस के दो बड़े मामलों में कार्रवाई करते हुए तस्करों की लगभग 70 लाख रुपए मूल्य की अवैध संपत्तियों को फ्रीज कर लिया है। इस संबंध में एएसपी शिमला मेहर पंवार ने प्रैसवार्ता की और यह जानकारी सांझा की
6 ग्राम चिट्टे की कड़ियों से खुला 32 लाख का साम्राज्य : 11 फरवरी, 2025 को रामपुर डिटैक्शन सैल ने साहिल नामक युवक को 6 ग्राम चिट्टे के साथ दबोचा था। पुलिस ने जब इस नैटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगाले, तो तस्करी की तारें शिमला से लेकर पश्चिम बंगाल तक जुड़ी मिलीं। पुलिस ने इस नैटवर्क के 6 अन्य आरोपियों गोबिंद सिंह, राकेश कुमार (पश्चिम बंगाल), मनमोहन सिंह, दीपक और राकेश को गिरफ्तार किया। इसके बाद की गई गहन फाइनैंशियल इन्वैस्टीगेशन में तीन आरोपियों की 32 लाख रुपए की संपत्ति चिन्हित हुई, जिसमें लग्जरी वाहन और 44.1 ग्राम सोना शामिल था, जिसे अब फ्रीज कर दिया गया है।
शातिर तस्कर की 38 लाख की संपत्ति कुर्क : रामपुर क्षेत्र में चिट्टे के पुराने तस्कर चेतन चौहान के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत सरकार को प्रस्ताव भेजा था। मंजूरी मिलने के बाद आरोपी को 25 अप्रैल को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर कैंथू जेल भेजा गया। जेल भेजने के बाद जब इसकी वित्तीय जांच हुई, तो पुलिस ने 38 लाख रुपए की संपत्ति जिसमें एक ट्रक, एक कार, 74 ग्राम सोना और कई बैंक खाते का खुलासा कर उसे फ्रीज कर दिया। चेतन के खिलाफ पहले से एनडीपीएस के दो केस दर्ज हैं।
कोई वैध काम नहीं, 6 साल में नशे से बनाया अंपायर : एएसपी मेहर पंवार ने बताया कि जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि इन चारों मुख्य आरोपियों के पास आय का कोई भी कानूनी और ज्ञात स्रोत नहीं था। बावजूद इसके, इन लोगों ने पिछले 6 वर्षों के भीतर नशे के काले कारोबार से ये लाखों की संपत्तियां खड़ी कर ली थीं। उन्होंने कहा कि जिला पुलिस शिमला के कड़े तेवरों का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2026 के शुरूआती 6 महीनों में ही पुलिस अब तक 4 मामलों में 6 आरोपियों की कुल 1.83 करोड़ रुपए की अवैध संपत्तियां जब्त कर चुकी है।

