चम्बा में पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बंग्लादेश के खिलाफ नारेबाजी

10/21/2021 5:16:53 PM

चम्बा (सुशील): पड़ोसी देशों में ङ्क्षहदुओं पर हो रहे अत्याचारों की रोकथाम को लेकर विश्व ङ्क्षहदू परिषद, बजरंग दल, मातृ शक्ति ङ्क्षहदू व अन्य संगठन सड़कों पर उतर आए हैं। वीरवार को विश्व ङ्क्षहदू परिषद के प्रांत उपाध्यक्ष डा. केशव वर्मा की अगुवाई में विभिन्न हिंदू संगठनों ने चम्बा में डी.सी. ऑफिस के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर पड़ोसी देशों पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बंग्लादेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पड़ोसी देशों की सरकार को चेताया गया है कि इस तरह का आंतकवाद खत्म नहीं हुआ तो आने वाले समय में विभिन्न संगठन उग्र आंदोलन शुरू कर देंगे। विहिप प्रांत उपाध्यक्ष डा. केशव वर्मा की अगुवाई में बजरंग दल व मातृशक्ति ङ्क्षहदू संगठनों ने डी.सी. दुनी चंद राणा के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया है।

प्रांत उपाध्यक्ष डा. केशव वर्मा ने बताया कि हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बांग्लादेश में रह रहे अल्पसंख्यक ङ्क्षहदू-सीखों के विरुद्ध जघन्य अत्याचारों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों पहले बांग्लादेश में मंदिरों को खंडित किया गया। उन्होंने बड़ी बेरहमी से तोडऩा, छोटी-छोटी बच्चियों से बलात्कार, हत्या, लूटपाट व आगजनी जैसा कोई भी कुकृत्य इस्लामिक जिहादियों ने नहीं छोड़ा। जब से अफगानिस्तान में बर्बर तालिबान का शासन हुआ है, अन्य पड़ोसी देशों में भी आतंकियों के आक्रमण लगातार बढ़े हैं। अकेले दुर्गा पूजा के दौरान 22 से भी ज्यादा जिलों में ङ्क्षहसा की घटनाएं घट चुकी हैं। ङ्क्षहदुओं के 150 से ज्यादा दुर्गा पूजा पंडाल अपवित्र कर तहस-नहस कर दिए हैं। कितने ही घरों, दुकानों व धर्म स्थलों में ङ्क्षहसा हुआ है।

इतना सब होने के बाद भी बांग्लादेश सरकार आंख बंद करके बैठी हुई है। 10-12 ङ्क्षहदू अपनी जान गंवा चुके है। देवी-देवताओं की मूॢतयां तोड़ दीं। ङ्क्षहदुओं को मारा-पीटा गया। इसको लेकर ङ्क्षहदूओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। विश्व ङ्क्षहदू परिषद बांग्लादेश सरकार से मांग की है कि ङ्क्षहदूओं पर हो रहे आक्रमणों व अत्याचारों को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाए, ताकि उन्हें ओर अधिक परेशानी न झेलनी पड़े। उन्होंने मांग की है कि पीड़ित अल्पसंख्यक ङ्क्षहदूओं को न्याय व सुरक्षा मिलनी चाहिए। जान-माल के नुकसान का उचित मुआवजा मिलना चाहिए। आक्रमणकारियों को चुन-चुन कर गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति पर पूर्ण विराम के लिए उचित कदम उठाए जाएं। वहां शेष बचे ङ्क्षहदूओं के मानवाधिकारों की रक्षा व जीवन जीने के अधिकार मिले। इस मौके पर चतरसेन शर्मा, अमरजीत अरोड़ा, विनोद शर्मा, रवि भारद्वाज, अनु महाजन, शिवानी शर्मा व अधिवक्ता सूर्य भानु प्रताप सिंह मौजूद रहे।

 


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Content Writer

Kaku Chauhan

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