Sirmaur Bus Accident: रैस्क्यू पूरा होते ही सामने आया खौफनाक सच, 39 सीटर बस में 66 नहीं...इतनी जिंदगियां कर रहीं थी सफर

punjabkesari.in Saturday, Jan 10, 2026 - 06:29 PM (IST)

नाहन (आशु): सिरमौर जिला के हरिपुरधार में शुक्रवार दोपहर पेश आए निजी बस हादसे को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राहत एवं बचाव कार्य पूर्ण होने और जिला प्रशासन द्वारा जारी घायलों की अंतिम सूची के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि दुर्घटनाग्रस्त 39 सीटर बस में 66 नहीं बल्कि कुल 75 यात्री सवार थे। यानी हादसे के वक्त बस क्षमता से कहीं अधिक ओवरलोड थी। हादसे के तुरंत बाद घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भेजा गया, जिस कारण देर रात तक यात्रियों की सही संख्या स्पष्ट नहीं हो पाई थी।

कमेटी 15 दिनों के भीतर जिला प्रशासन को सौंपेगी रिपोर्ट 
उधर, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान देर रात हादसा स्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उपमुख्यमंत्री ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। अब इस मामले में रोड एक्सीडैंट कमेटी द्वारा मजिस्ट्रेट जांच करवाई जाएगी। एसडीएम संगड़ाह की अध्यक्षता में गठित यह कमेटी 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण सड़क पर जमा पाले को माना जा रहा है, जिससे बस के स्किड होने की आशंका जताई गई है। कई घायलों ने भी इसी वजह की पुष्टि की है। हालांकि वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

बस चालक सहित 14 लोगों की गई जान, घायलों की संख्या 61 पहुंची
जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों और घायलों के इलाज के लिए फौरी राहत राशि जारी कर दी है। सभी घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है। हादसे में बस चालक सहित कुल 14 लोगों की मौत हुई है, जबकि घायलों की संख्या बढ़कर 61 पहुंच गई है। गौरतलब है कि 11 जनवरी से गिरिपार क्षेत्र में पारंपरिक माघी पर्व शुरू हो रहा है। शनिवार और रविवार की छुट्टी के चलते बड़ी संख्या में लोग त्यौहार मनाने के लिए अपने घर लौट रहे थे। यह हादसा एक बार फिर दुर्गम क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन में ओवरलोडिंग की गंभीर समस्या को उजागर करता है। भले ही हादसे का तात्कालिक कारण कुछ भी रहा हो, लेकिन क्षमता से लगभग दोगुनी सवारियां बस में बैठाना कई सवाल खड़े करता है।

14 फरवरी तक मान्य थी बस की फिटनैस
डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने बताया कि एसडीएम संगड़ाह की अध्यक्षता में गठित कमेटी हादसे के सभी पहलुओं की जांच करेगी। हादसे के समय बस में अत्यधिक सवारियां थीं। मृतकों और घायलों के परिजनों को नियमानुसार फौरी राहत प्रदान कर दी गई है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोना चंदेल के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त बस 2008 मॉडल की थी। जीत कोच बस (एचपी 64-6667) का परमिट 8 जुलाई, 2029 तक वैध है। बस की फिटनैस 14 फरवरी, 2026 तक और इंश्याेरैंस 12 फरवरी, 2026 तक मान्य थी। बस का रूट शिमला-सोलन-राजगढ़-नौहराधार-हरिपुरधार होते हुए कुपवी तक था। चालक और परिचालक सहित बस की अधिकृत सीटिंग क्षमता 39 थी।

सभी 14 मृतकों के परिजनों को फौरी राहत जारी
बस हादसे के 14 मृतकों हिमांशी (6 माह) पुत्री आशीष निवासी गांव चंजाह, डाकघर कुलग, तहसील कुपवी, जिला शिमला, हीमा (50) पत्नी सुंदर सिंह, निवासी भाडनू, तहसील करसोग, जिला मंडी, सनम (20) पुत्री संत राम निवासी पाब, डाकघर जरवा, उपतहसील रोनहाट, जिला सिरमौर, बस चालक बलबीर सिंह (45) पुत्र मोहर सिंह निवासी बेचड़ का बाग, तहसील ददाहू, जिला सिरमौर, विलम सिंह (48) पुत्र छाजू राम निवासी जुडू शिलान, तहसील कुपवी, प्रोमिला देवी (21) पुत्री कृपा राम निवासी चंजाह, डाकघर कुलग, तहसील कुपवी, सूरत सिंह (60) पुत्र संगरू निवासी कांडा बाना, तहसील कुपवी, सुमन (28) पुत्री रण सिंह, निवासी दौंची कोठियाना, तहसील कुपवी, रमेश (35) पुत्र दई सिंह निवासी बोरा, डाकघर कुलग, तहसील कुपवी, कियान (4) पुत्र विलम निवासी नौहरा बोरा, तहसील कुपवी, रियांशी (9) पुत्री दिलावर सिंह निवासी बोरा डाकघर कुलग, मोहन सिंह (55) निवासी चौरस, तहसील नौहराधार, प्रियंका (22) पुत्री धर्म सिंह निवासी पंजाह, डाकघर कोराग, उपतहसील हरिपुरधार और साक्षी (26) पत्नी रमेश निवासी बोरा, डाकघर कुलग, तहसील कुपवी शामिल हैं, के परिजनों को प्रशासन की ओर से 25000-25000 रुपए की फौरी राहत प्रदान की गई है।

नाहन में 20 में से 3 घायल पीजीआई रैफर
प्रशासन के मुताबिक हादसे के बाद गंभीर रूप से 20 घायलों को मैडीकल कॉलेज नाहन में भर्ती करवाया गया, जिसमें कल्पना (27) पत्नी कुलदीप, तमन्ना (23) पुत्री जगदीश, सिमरन (15) पुत्री दुर्गा दत्त (पीजीआई चंडीगढ़ रैफर), रंजना पुत्री कुंदन सिंह, अरविंद (22) पुत्र केवल राम, अंकिता (23) पुत्री जगत सिंह, पूनम (24) पुत्री मोहतू, अवनी (13) पुत्री बलबीर सिंह, सरोज (26) पुत्री रतन सिंह, कपिल (29) पुत्र लायक राम, मनोज (18) पुत्र सुख राम, सारांश (4) पुत्र कुलदीप, अनाया (6) पुत्री कुलदीप, अनीता (32) पत्नी विलम सिंह, दिनेश (34) पुत्र गुलाब सिंह (पीजीआई रैफर), खाजन सिंह पुत्र मोहन सिंह (पीजीआई रैफर), मनोज बाला (63) पत्नी खाजन सिंह, अभय (17) पुत्र सुरेंद्र सिंह, सतपाल पुत्र सुंदर सिंह और शांति देवी (46) पत्नी मोहन सिंह शामिल हैं, को प्रशासन की तरफ से 15000-15000 रुपए की फौरी राहत जारी की गई है।

45 घायलों को लाया गया राजगढ़ अस्पताल
हादसे के बाद 45 घायलों को राजगढ़ अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ का ईलाज चल रहा है, जबकि काफी घायलों को सोलन रैफर किया गया, जिसमें सुगना (40) पत्नी नैया राम, नरिया (42) पुत्र जहरीया राम, निहारू राम (55) पुत्र शंकर दास, चंदा राम (60) पुत्र दोहता राम, आस्था (18) पुत्री प्रताप सिंह, राहुल (20) पुत्र प्रताप सिंह, सूरज (28) पुत्र दौलत राम, आराध्या (10) पुत्री नैरया राम शामिल हैं। वहीं अन्य अंबिका (24) पुत्री बागमल, प्रियंका (26) पत्नी नवीन कुमार, मनीषा (23) पुत्री मान सिंह, विशाल (19) पुत्र श्याम लाल, कुलदीप (22) पुत्र जालम सिंह, चिंता कुमारी (17) पुत्री सुदर्शन, संजय कुमार (26) पुत्र भागमल सिंह, मनीष (20) पुत्र जगत सिंह, सुमन (25) पुत्री विलम सिंह, अमित कुमार (10) पुत्र जगत सिंह, अभिनंदन (7) पुत्र जगत सिंह और अभय पुत्र हेमंत का राजगढ़ अस्पताल में उपचार चल रहा है। इन घायलों को 5000-5000 रुपए की फौरी राहत प्रदान की गई है। वहीं संगड़ाह अस्पताल में बोनी चौहान (22) पुत्र केदार सिंह को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

सोलन में 18 घायलाें का चल रहा इलाज, 2 शिमला रैफर
सिविल अस्पताल सोलन में उपचाराधीन घायलों में युवराज (23) पुत्र राजेंद्र सिंह, प्रीति (19) पत्नी आशीष, आशीष (20) पुत्र कृपा राम, रोहित (14) पुत्र दिनेश (आईजीएमसी रैफर), शीतल (28) पुत्री यशपाल (आईजीएमसी रैफर), दिव्यांशी (9) पुत्री नागेंद्र कुमार, बिरमा (34) पत्नी नरेंद्र कुमार, सुनील (24) पुत्र देव राज, धु्रव (18) पुत्र रतन राम, ललित (18) पुत्र केदार सिंह, राज (35) पुत्र नैन सिंह, तेजस (3) पुत्र देवराज, बिनीता (34) पत्नी देवराज, सुरेंद्र (35) पुत्र दौलत राम, विजय (17) पुत्र जगदीश, ममता (22) पुत्री सालक राम, अदिति (14) पुत्री भीम सिंह, सुषमा (28) पत्नी संदीप कुमार, टीना रावत (20) पुत्री विमल सिंह और वनिता (39) पत्नी भीम सिंह शामिल हैं। इन घायलों को भी 5000-5000 की फौरी राहत प्रदान की गई है।


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Content Writer

Vijay

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