Shimla: श्री रेणुका जी बांध प्रभावित 152 परिवारों को बड़ी राहत, सीएम सुक्खू ने दी भूमिहीन श्रेणी की मंजूरी
punjabkesari.in Saturday, Feb 07, 2026 - 06:10 PM (IST)
शिमला (राक्टा): श्री रेणुका बांध से प्रभावित 152 परिवारों को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बड़ी राहत प्रदान की है। इसके तहत बांध निर्माण कार्य के चलते जो 152 परिवार भूमिहीन हो गए थे, उन्हें अब सरकार ने पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (आरआर) नीति के तहत भूमिहीन मानते हुए बांध प्रभावित श्रेणी में मान लिया है। ऐसे में लंबे समय से उठाई जा रही प्रभावित लोगों की मांगें पूरी करने पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने श्री रेणुका जी निवासियों की तरफ से मुख्यमंत्री सुक्खू का आभार व्यक्त किया है। शनिवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए विनय कुमार ने कहा कि कुछ दिन पूर्व उनके नेतृत्व में बांध प्रभावित लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल शिमला में मुख्यमंत्री से मिला था और उन्हें मांगों से अवगत करवाया था।
गिरि नदी पुल निर्माण को मिली पर्यावरण स्वीकृति
विनय कुमार ने कहा कि श्रीरेणुका जी के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और क्षेत्र में सड़कों, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा तथा पेयजल सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है। विनय कुमार ने कहा कि इसके साथ ही श्री रेणुका जी को जोड़ने वाला गिरि नदी पुल निर्माण को भी भारत सरकार के वन मंत्रालय से पर्यावरण स्वीकृति मिल गई है और 14 करोड़ की लागत से बनने वाले इस पुल का शेष बचा निर्माण कार्य जल्द पूरा होगा। उन्होंने कहा कि उनके चुनाव क्षेत्र में कोई भी ऐसी पंचायत नहीं है, जो सड़क से महरूम हो। उन्होंने कहा कि केवल एक गांव दाना घाटों पंचायत में कैल गांव ही ऐसा है, जो जमीन उपलब्ध न होने की वजह से सड़क से महरूम है। उन्होंने कहा कि अगर गांव के लोग सड़क को जमीन उपलब्ध करवाते हैं तो इसे भी सड़क से जोड़ लिया जाएगा। विनय कुमार ने कहा कि कुछ लोग गलत प्रचार कर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
क्षेत्र की प्राथमिकताओं को प्रमुखता से रखा
विनय कुमार ने कहा कि विधायक प्राथमिकता की बैठक में उन्होंने अपने विस क्षेत्र की सभी प्राथमिकताओं को रखा है। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावना है, इस पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि विधायक क्षेत्र विकास निधि का मामला सरकार के समक्ष रखा है। पिछली 2 किस्तें नहीं मिली हैं, आशा है कि आर्थिक स्थिति ठीक होती ही जारी होगी।

