Shimla: फाइलों को अनावश्यक रूप से रोके रखने की संस्कृति बर्दाश्त नहीं की जाएगी : सुक्खू
punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 10:35 PM (IST)
शिमला (राक्टा): दिल्ली दौरे से लौटते ही मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू एक्शन मोड में नजर आए। शिमला पहुंचने पर उन्होंने थकान मिटाने की बजाय सीधे सचिवालय का रुख किया और लंबित पड़ी अहम फाइलों को निपटाया। मुख्यमंत्री की इस सक्रियता से साफ संकेत मिला कि प्रदेश सरकार प्रशासनिक कामकाज को लेकर पूरी तरह गंभीर है। सचिवालय पहुंचकर मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की। बैठक के दौरान विकास कार्यों की प्रगति, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विभागीय समन्वय जैसे मुद्दों पर गहन मंथन हुआ।
इसके साथ ही 4 और 5 फरवरी को होने वाली विधायक प्राथमिकताओं की बैठकों और आगामी बजट सत्र को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यही सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फाइलों को अनावश्यक रूप से रोके रखने की संस्कृति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल से ही प्रदेश को विकास की नई दिशा दी जा सकती है। गौर हो कि 3 दिवसीय दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने नितिन गडकरी सहित 3 केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर राज्य के लंबित मामलों पर केंद्र सरकार से विशेष वित्तीय सहायता सहित बजट देने का मामला उठाया।
दिल्ली दौरे के दौरान राज्य मंत्रिमंडल विस्तार के संबंध में भी कांग्रेस आलाकमान नेताओं से मंत्रणा की। ऐसा माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल में रिक्त पड़ा पद भरने के लिए निर्णय लिया जा सकता है। पंचायत चुनाव के संबंध में प्रदेश सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों के बारे में शुक्रवार को पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह मुख्यमंत्री से मुलाकात कर विस्तारपूर्वक जानकारी देंगे। वहीं मुख्यमंत्री शुक्रवार को रिज मैदान पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक मनरेगा बचाओ अभियान के तहत अनशन पर बैठेंगे।

