शिव मंदिर बैजनाथ में 7 पुजारियों ने 7 घंटे में तैयार किया घृतमंडल

punjabkesari.in Friday, Jan 14, 2022 - 11:31 PM (IST)

पपरोला (ब्यूरो): ऐतिहासिक शिव मंदिर बैजनाथ में मकर संक्रांति पर घृतमंडल पर्व शुक्रवार शाम को धूमधाम से शुरू हो गया। पहली बार घृतमंडल शाम को होने वाली आरती से पहले बनकर तैयार हो गया। यह घृतमंडल 21 जनवरी सुबह 5 बजे तक बना रहेगा। इस बार करीब 4 क्विंटल देसी घी से इसे तैयार किया गया है। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे 7 पुजारियों ने घृत बनाने का काम शुरू किया और करीब साढ़े 7 घंटे में इसका निर्माण पूरा किया। मंदिर में व्यवस्था देख रहे एसडीएम कार्यालय बैजनाथ के कर्मचारी विजय कटोच ने बताया कि इस पर्व को धूमधाम से मनाने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी की है।

20 जनवरी शाम तक भोलेनाथ के दर्शन कर सकते हैं श्रद्धालु

मंदिर के ट्रस्टी अनिल शर्मा व गुरवचन चौहान ने बताया कि श्रद्धालु 20 जनवरी शाम तक यहां भोलेनाथ के दर्शन कर सकते हैं। मंदिर के पुजारी धर्मेंद्र शर्मा और उमाशंकर ने बताया कि इस बार आरती से पहले इस घृतमंडल को तैयार किया गया है और इसे सुंदर ढंग से सजाया गया है। इसके अलावा संसाल स्थित मुकुटनाथ मंदिर, पल्लीकेश्वर महादेव ताशीजोंग, पूठे चरण मंदिर व महाकाल मंदिर में घृतमंडल बनाए गए हैं। बैजनाथ शिव मंदिर में शांति स्वरूप, संजीव शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, उमाशंकर शर्मा, आदर्श भारद्वाज, सुरेंद्र शर्मा और अर्नव भारद्वाज आदि पुजारियों ने घृत बनाया।

यह है प्रथा

बताते हैं कि मंडी के राजा भीमसेन द्वारा घृतमंडल चढ़ाया जाता था, क्योंकि उन्होंने यहां स्थित शिवलिंग को मंडी स्थित भूतनाथ मंदिर में स्थापित करने के उद्देश्य से उखाडऩे की कुचेष्टा की थी लेकिन मां गौरी सहित भोलेनाथ ने दर्शन देकर चेताया था कि इस शिवलिंग को उखाड़ने की कुचेष्टा न करना, वरना सर्वनाश हो जाएगा। राजा भीमसेन ने अपनी भूल सुधारने के लिए मकर संक्रांति पर शिवलिंग पर मक्खन का लेप लगाने का संकल्प किया था। यह परंपरा आज भी जारी है।

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Content Writer

Vijay

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