Weather Update: मानसून की तबाही... तीन जिलों में 2 दिन भारी बारिश का ऑरैंज अलर्ट
punjabkesari.in Friday, Aug 29, 2025 - 11:21 PM (IST)

शिमला (संतोष): राज्य में मानसून का सितम जारी है। कुल्लू जिला के आनी में भारी बारिश के बाद पटारना गांव में हुए भूस्खलन से 2 मकान जमींदोज हुए, जिसमें 2 महिलाएं दब गईं, जिसमें से एक की मौत हो गई है, जबकि एक की तलाश जारी है। कुल्लू के ही खादवी गांव में 3 मकान भूस्खलन की जद में आ गए हैं। जनजातीय जिला किन्नौर के उपमंडल पूह के लिप्पा गांव में शुक्रवार तड़के बादल फटने के कारण भोगती नाले में अचानक आए सैलाब ने भारी नुक्सान पहुंचाया। इस बाढ़ में 2 मजदूर फंस गए, जो जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। गनीमत यह रही कि स्थानीय लोगों ने तुरंत दोनों मजदूरों को बचाया और प्राथमिक उपचार के बाद किन्नौर के रिकांगपिओ क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती कराया। इस घटना में गांव की उपजाऊ भूमि भी बर्बाद हो गई। कुल्लू और चम्बा जिले में हुई भारी बारिश से हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं।
चम्बा जिले में सड़के, बिजली और पेयजल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। कुल्लू जिला के आनी उपमंडल के छनोट नाले के सैलाब में एक कार बह गई है। वहीं नैशनल हाईवे 305 औट-लुहरी मार्ग कई दिनों से भूस्खलन के कारण बाधित है। जिला प्रशासन ने मनाली, आनी और निरमंड उपमंडलों में सभी शिक्षण संस्थानों में आज अवकाश घोषित किया है। बीती रात सिरमौर जिला में हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है और नदी-नाले उफान पर हैं। जिले में कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। जिला में स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर सभी शिक्षण संस्थानों में अवकाश रखा गया है। मंडी जिले की बल्ह घाटी में पुराना नैशनल हाईवे जलमग्न हो गया है, जिससे वाहनों और आम लोगों की आवाजाही में गंभीर दिक्कतें आ रही हैं।
चम्बा जिले के जनजातीय क्षेत्र भरमौर में सड़कें टूटने के कारण हजारों मणिमहेश तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम यात्रियों को बचाने में जुटी हुई है। यहां मात्र 4 दिनों 25 से 28 अगस्त के बीच में 11 श्रद्धालुओं की मौत हुई है। इनमें 3 पंजाब, 1 यू.पी., 5 चम्बा के निवासी हैं, जबकि 2 शवों की पहचान नहीं हो पाई है। इनकी मौत पत्थर गिरने और ऑक्सीजन की कमी के कारण बताई जा रही है। 16 अगस्त से आरंभ हुई इस यात्रा के दौरान अब तक 22 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है।
उधर, भरमौर प्रशासन ने कलसूई से पठानकोट के लिए 150 श्रद्धालुओं को लेकर एचआरटीसी की 3 बसें रवाना कर दी हैं। शुक्रवार सुबह भरमौर से 5 हजार श्रद्धालु पैदल ही चम्बा की ओर रवाना हुए। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा है कि चम्बा जिला में संचार और सड़क प्रभावित होने के कारण मणिमहेश यात्रा फिलहाल स्थगित कर दी गई है। फंसे तीर्थ यात्रियों की मदद के लिए हैल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। संपर्क नंबर हैं 98166-98166, 01899-226950, 226951, 226952 और 226953। आपात स्थिति में टॉल फ्री नंबर 1070 पर संपर्क किया जा सकता है। दूरभाष संपर्क नंबर 0177-2629688, 2629939, 2629439 और 2628940 हैं।
विभाग ने आगामी 2 दिन यानी 30 और 31 अगस्त को कांगड़ा, चम्बा, कुल्लू में भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरैंज अलर्ट जारी किया है, जबकि पहली और 2 सितम्बर को भारी वर्षा का यैलो अलर्ट जारी रहेगा। 3 और 4 सितम्बर को भी मौसम खराब रहेगा, लेकिन किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
राज्य में 2 नैशनल हाईवे व 914 संपर्क मार्ग बंद, 925 ट्रांसफार्मर भी ठप्प
लगातार हो रही बारिश से शुक्रवार सुबह तक 2 एन.एच. व 633 सड़कें बंद थीं, लेकिन शाम को इनका आंकड़ा बढ़ गया है। अब राज्य में 2 नैशनल हाईवे एनएच 03 व एनएच 305 बंद हैं, जबकि 914 सड़कें अवरुद्ध हैं। 925 बिजली ट्रांसफार्मर व 266 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित चल रही हैं।
मानसून सीजन में अब तक 317 मौतें
इस मानसून में अब तक प्रदेश में 317 लोगों की मौत हो चुकी है, 40 लोग लापता और 374 घायल हुए हैं। इस मानसून में प्रदेश में फ्लैश फ्लड की 90, भूस्खलन की 87 और बादल फटने की 42 घटनाएं हुई हैं।