Shimla: विमल नेगी मौत मामला: जांच में हुआ खुलासा, 6 माह में विमल नेगी ने ली थीं 26 छुट्टियां

punjabkesari.in Saturday, Apr 05, 2025 - 09:18 PM (IST)

शिमला (संतोष): एचपीपीसीएल के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत के मामले में 2 विभागों की टीमें जांच में जुटी हुई हैं और साक्ष्य जुटा रही हैं। जहां गृह विभाग की टीम एसीएस ओंकार चंद शर्मा की अगुवाई में अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है, वहीं दूसरी ओर न्यू शिमला पुलिस थाना में विमल नेगी की पत्नी की शिकायत पर आत्महत्या के लिए उकसाने के दर्ज किए गए मामले के बाद एसएसपी शिमला संजीव गांधी द्वारा 7 सदस्यीय विशेषज्ञों की एसआईटी की टीम ने भी काफी साक्ष्य जुटाए हैं।

शिमला से लेकर घुमारवीं, बिलासपुर व शव मिलने के स्थान पर इंस्पैक्टर रैंक की टीम जांच कर चुकी है, लेकिन अब एएसपी नवदीप सिंह की अगुवाई वाली आईपीएस अधिकारियों की टीम तस्दीक करने के लिए रवाना हुई है। जिला पुलिस की एसआईटी की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि विमल नेगी ने पिछले 6 माह के कार्यकाल के दौरान 26 छुट्टियां ली हैं, जिनमें अर्जित अवकाश, कैजुअल लीव व मैडीकल लीव शामिल है। हालांकि इससे पहले पूर्व इंजीनियर और स्टेट लोड डिस्पैच सैंटर के पूर्व एमडी सुनील ग्रोवर ने एसीएस ओंकार शर्मा को सौंपे शपथ पत्र में जिक्र किया है कि 6 माह में विमल नेगी को कोई छुट्टी नहीं मिली है। हालांकि एसीएस ओंकार चंद शर्मा ने अभी अपनी रिपोर्ट देनी है।

निलंबित निदेशक देशराज से पूछताछ है अहम, होंगे कई खुलासे
गृह विभाग की एसीएस ओंकार चंद शर्मा के नेतृत्व वाली टीम पावर काॅर्पोरेशन के कई अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ कर चुकी है, लेकिन निलंबित निदेशक देशराज से अभी तक पूछताछ नहीं कर पाई है। इस टीम को 15 दिन का दिया गया समय भी पूरा हो गया है और यह टीम अतिरिक्त समय मांग सकती है, क्योंकि निलंबित निदेशक को अब सर्वोच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल गई है और वह जांच में शामिल हो सकते हैं।

जांच में हुआ खुलासा, वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों को किया जा रहा प्रताड़ित
एसीएस ओंकार चंद शर्मा की अगुवाई में गठित टीम की जांच में सामने आया है कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों को काफी प्रताड़ित किया जाता रहा है और विमल नेगी भी इसके भुगतभोगी रहे हैं। पूछताछ के दौरान और परिजनों द्वारा दिए गए बयानों के आधार पर जांच में यह भी पता चला है कि विमल नेगी को दफ्तर में घंटों खड़ा रखा जाता था। कई कर्मचारी ऐसे भी हैं, जिन्होंने 2-12 घंटे ड्यूटी दी है। विमल नेगी पर काम का दबाव था, जो काम नहीं हो सकता था, उसको करने के लिए भी उन पर दबाव बनाया जाता था। बताया जाता है कि जिस दिन विमल नेगी लापता हुए, उन्हें एक फोन आया था, जिसके बाद से वह काफी परेशान हो गए थे। यह टीम उस फोन और संंबंधित व्यक्ति के बारे में भी पता लगा रही है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Kuldeep

Related News