हिमाचल में मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करे प्रदेश सरकार
punjabkesari.in Thursday, Apr 30, 2026 - 11:17 PM (IST)
शिमला (राजेश): हिमाचल में मंदिरों को अन्य धर्मों, व समुदायों की तर्ज पर सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की मांग उठी है। यह मांग विश्व हिंदू परिषद ने उठाई। वीरवार को शिमला में पत्रकारों को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने हिमाचल सरकार से प्रदेश के मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जहां अन्य धार्मिक समुदायों को अपने पूजा स्थलों के संचालन की स्वतंत्रता है, लेकिन हिमाचल में 37 प्रमुख हिंदू मंदिर अभी भी सरकार के अधीन हैं, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश हिंदू सार्वजनिक धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम 1984 के तहत मंदिरों का संचालन सरकारी हस्तक्षेप में हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा नियुक्त न्यासी स्वतंत्र निर्णय नहीं ले पाते और मंदिरों के चढ़ावे का एक बड़ा हिस्सा प्रशासनिक कार्यों में खर्च किया जाता है। इस मामले में उच्च न्यायालय को भी हस्तक्षेप करना पड़ा है। उन्होंने बताया कि इन मंदिरों में हर वर्ष करीब 200 करोड़ रुपए से अधिक का चढ़ावा आता है, जिसे श्रद्धालु मंदिर विकास सेवा और धार्मिक कार्यों के लिए देते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में इन मंदिरों की आय 200.59 करोड़ रुपए रही, जबकि 346.26 करोड़ रुपए सावधि जमा में हैं। उन्होंने कहा कि यह धन हिंदू समाज का है और इसका उपयोग केवल धार्मिक व सामाजिक कार्यों में होना चाहिए। इस मौके पर विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष शिमला डा. रूपराम शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
लैंड जिहाद और अवैध कब्जों पर जताई चिंता
विश्व हिंदू परिषद ने प्रदेश में कथित लैंड जिहाद के बढ़ते मामलों पर भी चिंता व्यक्त की। संगठन का आरोप है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे कर धार्मिक ढांचे खड़े किए जा रहे हैं। संजौली, मंडी सहित कई स्थानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने सरकार से इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
लव जिहाद और धर्मांतरण पर भी उठाए सवाल
मिलिंद परांडे ने लव जिहाद और अवैध धर्मांतरण के मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि इससे सामाजिक संतुलन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई क्षेत्रों शिमला, मंडी, कुल्लू, चंबा, ऊना, नूरपुर, नालागढ़ आदि से इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे समाज में असुरक्षा का माहौल बन रहा है।
चेतावनी : आंदोलन के लिए होंगे मजबूर
विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर समय-समय पर सरकार और प्रशासन को अवगत करवाया गया है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हिंदू समाज को जागरूक कर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

