विधानसभा : जमीन-जायदाद रजिस्ट्री के नियम बदलेंगे, महिलाओं को मिलेगी छूट

punjabkesari.in Tuesday, Sep 01, 2026 - 07:49 PM (IST)

शिमला (कुलदीप): हिमाचल प्रदेश में जमीन-जायदाद रजिस्ट्री के नियम बदलेंगे, जिसमें महिलाओं को छूट मिलेगी। इस उद्देश्य से विधानसभा में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त और रजिस्ट्री पर लगने वाले टैक्स (स्टाम्प ड्यूटी) के नियमों में बड़ा बदलाव करने का ऐलान किया है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस उद्देश्य से भारतीय स्टाम्प (हिमाचल प्रदेश द्वितीय संशोधन), विधेयक, 2026 को प्रस्तुत किया।

राज्य में प्राॅपर्टी की खरीद-फरोख्त और दान को छोड़कर, बाकी कई दस्तावेजों के स्टाम्प टैक्स में कई वर्ष से कोई बदलाव नहीं हुआ था। साथ ही पुराने नियमों में बार-बार मामूली बदलाव किए जा रहे थे। अब सरकार ने पुरानी सूची को हटाकर नई सूची (अनुसूची 1-क) लागू करने का फैसला किया है। इसका सीधा सा उद्देश्य 1899 के पुराने और पेचीदा कानूनों को आज के समय के हिसाब से आसान और साफ-सुथरा बनाना है।

नए संशोधन की खास बातें
नए संशोधन के अनुसार अगर कोई महिला अपने नाम पर 1 करोड़ रुपए तक की प्राॅपर्टी की रजिस्ट्री कराती है या उसे गिफ्ट (दान) में प्राॅपर्टी मिलती है, तो उसे सिर्फ 4 फीसदी स्टाम्प ड्यूटी देनी होगी। एक करोड़ रुपए से महंगी संपत्ति होने पर यह टैक्स 8 फीसदी लगेगा। पुरुषों या अन्य लोगों के लिए 40 लाख रुपए तक की संपत्ति की रजिस्ट्री पर 6 फीसदी और 40 लाख से अधिक की संपत्ति पर 8 फीसदी का टैक्स लगेगा। नए संशोधन से परिवार में प्राॅपर्टी ट्रांसफर करना सस्ता होगा।

इसके अलावा पारिवारिक संपत्ति के हस्तांतरण पर प्राॅपर्टी की कुल कीमत का मात्र 0.1 फीसदी ही स्टाम्प फीस के रूप में लगेगा। धारा-118 के मामलों में राज्य सरकार से जमीन लेने या पट्टे (लीज) पर लेने की खास मंजूरी लेनी पड़ती है। इसमें महिलाओं या पुरुषों के बीच कोई अंतर नहीं रखा गया है। ऐसे मामलों में सीधे 12 फीसदी स्टाम्प फीस देगी होगी।

कागजी काम भी हुए अपडेट
नए संशोधन के तहत अब तहसीलों में बनने वाले आम हल्फनामे (शपथ पत्र) के लिए 100 रुपए का स्टाम्प लगेगा। वहीं किसी बच्चे को गोद लेने की स्थिति में कानूनी कागज (एडॉप्शन डीड) बनवाने का खर्च अब 2,000 रुपए होगा।


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Kuldeep

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