विधानसभा : पैंशनर्ज का आक्रोश, सरकार को दी उग्र आंदोलन और मंत्रियों के घेराव की चेतावनी

punjabkesari.in Tuesday, Sep 01, 2026 - 07:16 PM (IST)

शिमला (संतोष): विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शिमला का चौड़ा मैदान सोमवार को पैंशनर्ज के विरोध-प्रदर्शन और नारों से गूंज उठा। अपनी लंबित वित्तीय देनदारियों और हकों को लेकर हिमाचल प्रदेश पैंशनर्ज संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदेशभर से आए हजारों पैंशनर्ज ने सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया। विधानसभा की ओर कूच कर रहे इन बुजुर्गों को पुलिस ने चौड़ा मैदान से आगे होटल सिसिल के पास बैरिकेडिंग कर रोक दिया, जिसके चलते पुलिस और पैंशनर्ज के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

महासचिव भूप राम वर्मा और अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने लंबित देनदारियों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले समय में मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन में करीब 2200 से अधिक पैंशनर्ज शामिल हुए। इतनी बड़ी संख्या में भीड़ जुटने के कारण वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई। यातायात पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया। वहीं होटल सिसिल के पास क्यूआरटी और भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, जिन्होंने प्रदर्शनकारियों को विधानसभा परिसर की ओर जाने से पूरी तरह रोक दिया।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सड़कों पर उतारना कांग्रेस की संवेदनहीनता : बिंदल
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने कहा कि 70 से 90 वर्ष के बुजुर्ग पैंशनर्ज अपने हक के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला से लेकर शिमला तक हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन संवेदनहीन सरकार उनकी आवाज सुनने को तैयार नहीं है। उन्हाेंने कहा प्रदेश में भाजपा सरकार बनते ही कर्मचारियों के सभी जायज वित्तीय लाभ और अधिकार प्राथमिकता के आधार पर दिलाए जाएंगे। वहीं विधायक सतपाल सत्ती ने कहा कि दूर-दराज क्षेत्रों से बुजुर्ग कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर शिमला पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद सरकार समाधान करने के बजाय केवल बयानबाजी और जनता को गुमराह करने में लगी है।


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Kuldeep

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